अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस – राम किशोर पाठक

अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस आओ जानें हम सच्चाई, जीवन में क्या होता है। हँसते गाते लोगों में भी, आँखें नम क्यों होता है।। रिश्तों में जीवन है उलझा, रिश्तों की मर्यादा…

मुंशी प्रेमचंद विलक्षणता के प्रतीक – अमरनाथ त्रिवेदी

मुंशी प्रेमचंद विलक्षणता के प्रतीक कौन भूल सकता है प्रेमचंद को , जिनकी मार्मिक इतनी कृति है । ग्राम्य जीवन के सुख दुख भरे डगर की , उस वर्णन में…

कलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठक

कलम का सिपाही- मुक्तक कलम का कोई सिपाही है कहा। मुफलिसी आटा गिला करता रहा।। चाँद तारे रौशनी करते रहें। राय धनपत जुगनुओं को हीं गहा।।०१।। निर्मला सेवासदन ने कुछ…

श्रावणी पर्व -रत्ना प्रिया

श्रावणी पर्व श्रावणी पर्व है अति पावन, मिलकर सभी मनाएँ, रक्षाबंधन के धागे यह महत्व हमें समझाएँ । शिव की कृपा लेकर आता है यह श्रावण प्यारा, शिव-भक्ति शिव-महिमा से…

भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत- राम किशोर पाठक

भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत महिमा जिसकी गा रहे, लाया वह मनुहार है। प्रेम भरा अनुराग ले, आया यह त्यौहार है।। रिश्ते होते हैं बँधे, सदा प्रीत की…

तेरा पिता हूँ मैं

तेरा पिता हूँ मैं तेरी गहरी से गहरी विपत्तियों की थाह हूँ मैं ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में कठिनाईयों के किसी मोड़ में जब तुम निराशापूर्ण धुप से कुम्हला जाओ तो…

गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

गुरु पूर्णिमा – दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जन्म दिवस गुरु व्यास के, चरण कमल प्रणिपात। जिनके शुभ आशीष से, जीवन हो अवदात।। गुरु उत्सव की पूर्णिमा, लाएँ नव संकल्प, श्रद्धायुत विश्वास का,…

कलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठक

कलम का सिपाही- मुक्तक कलम का कोई सिपाही है कहा। मुफलिसी आटा गिला करता रहा।। चाँद तारे रौशनी करते रहें। राय धनपत जुगनुओं को हीं गहा।।०१।। निर्मला सेवासदन ने कुछ…