पग-पग आगे बढ़ना होगा गुरु शिखर पर चढ़ाना हो तो चट्टानों से टकराना होगा । सिंधु पार जाना हो तो[...]
Category: काव्य लेखन
शिक्षक – कहमुकरी राम किशोर पाठकशिक्षक – कहमुकरी राम किशोर पाठक
शिक्षक – कहमुकरी सबके हित को तत्पर रहता। अपने हक में कभी न कहता।। दोष गिनाते बने समीक्षक। क्या सखि?[...]
तोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजानतोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान
तोटक छंद वर्णिक(112) 112-112-112-112 दो चरण सम तुकांत दिन में दिखते मन के सपने। हिय में रहने लगते अपने।। रचने[...]
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठकसंस्मरण गीत – राम किशोर पाठक
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद[...]
तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरातुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा
गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन दौलत की ही चाहत है पैरों [...]
बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
पद्धरी छंद सम-मात्रिक छंद, 16 मात्राएँ आरंभ द्विकल से, पदांत Sl अनिवार्य। मां सिद्धिदायिनी दिव्य भाल। दिखते हैं सागर[...]
मन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरामन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरा
मन अगर वैधव्यमय होतन सजाकर क्या करूंगी? चाह कब मैंने किया थास्वर्ण से यह तन सजानाऔर तो इच्छा नहीं थीआसमां[...]
अब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदीअब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
तू अब भी यूँ रुका क्यूँ है? गुलाब कांटों से यूँ लगा क्यूँ है ? जिंदगी तेरा ये फ़लसफ़ा क्यूँ[...]
देश का अभिमान हिंदी – Puja Kumariदेश का अभिमान हिंदी – Puja Kumari
राग है,मनुहार है, देश का आधार है हिंदी शान है इस देश का तो, स्वयं में विचार है हिंदी, कर्णप्रिय[...]
।। हिन्दी दिवस।। – Puja Kumari।। हिन्दी दिवस।। – Puja Kumari
।। हिन्दी दिवस।। हिन्दी हमारी मान है, हिन्दी हमारी शान है। हिन्दी तो पहचान, हिन्दी में बसती जान है। संस्कृति[...]
