Category: काव्य लेखन

Ram Kishore Pathak

शिक्षक – कहमुकरी राम किशोर पाठकशिक्षक – कहमुकरी राम किशोर पाठक

0 Comments 8:05 pm

शिक्षक – कहमुकरी सबके हित को तत्पर रहता। अपने हक में कभी न कहता।। दोष गिनाते बने समीक्षक। क्या सखि?[...]

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Ram Kishore Pathak

संस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठकसंस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठक

0 Comments 5:25 pm

संस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठक     चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद[...]

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तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरातुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 11:52 pm

गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन  दौलत  की  ही चाहत है पैरों  [...]

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बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 6:38 pm

पद्धरी छंद सम-मात्रिक छंद, 16 मात्राएँ आरंभ द्विकल से, पदांत Sl अनिवार्य।   मां सिद्धिदायिनी दिव्य भाल। दिखते हैं सागर[...]

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मन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरामन अगर वैधव्यमय हो.. डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 7:41 pm

मन अगर वैधव्यमय होतन सजाकर क्या करूंगी? चाह कब मैंने किया थास्वर्ण से यह तन सजानाऔर तो इच्छा नहीं थीआसमां[...]

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अब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदीअब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 9:12 pm

तू अब भी यूँ रुका क्यूँ है? गुलाब कांटों से यूँ लगा क्यूँ है ? जिंदगी तेरा ये फ़लसफ़ा क्यूँ[...]

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देश का अभिमान हिंदी – Puja Kumariदेश का अभिमान हिंदी – Puja Kumari

0 Comments 11:38 pm

राग है,मनुहार है, देश का आधार है हिंदी  शान है इस देश का तो, स्वयं में विचार है हिंदी, कर्णप्रिय[...]

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।। हिन्दी दिवस।। – Puja Kumari।। हिन्दी दिवस।। – Puja Kumari

0 Comments 11:35 pm

।। हिन्दी दिवस।। हिन्दी हमारी मान है, हिन्दी हमारी शान है।  हिन्दी तो पहचान, हिन्दी में बसती जान है। संस्कृति[...]

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