दशहरे का दिव्य पंछी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर कंठ नीला, रूप सुंदर, शिव का ही वो वास है, दशहरे के[...]
Category: काव्य लेखन
दशहरा – बेबी अर्चना दशहरा – बेबी अर्चना
दशहरा – बेबी अर्चना करते बस दहन हम पुतले, पर जलता नहीं मन का द्वेष। तभी तो पल-पल, प्रतिपल, रहता[...]
शाश्वत नियम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशाश्वत नियम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शाश्वत नियम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शिखर पर बैठ ओ पथिक! तनिक तू किसपे इतराता? बनाकर काँच के भवनों को,[...]
दुर्गा माँ – रंजना कुमारीदुर्गा माँ – रंजना कुमारी
दुर्गा माँ – रंजना कुमारी माँ, तुम तो शक्ति की देवी हो, तुम्हारे नौ रूपों में नारी की महिमा गाते[...]
मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा
मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा मन में उठते दो विकल्प हैं—एक सद्गुण, एक दुर्गुण छाया, मनुष्य[...]
विश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरविश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
विश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर कमी किसी ने भी नहीं छोड़ी, हमें आजमाने में, शेष कुछ न रहा[...]
नौ दिनों तक माँ के जयकारे – रिंजु सिंहनौ दिनों तक माँ के जयकारे – रिंजु सिंह
नौ दिनों तक माँ के जयकारे – रिंजु सिंह मंदिर में सजते फूलों के गलियारे। माँ दुर्गा के चरणों में[...]
माँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बरमाँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बर
माँ सुन लो पुकार – आशीष अम्बर हम शरण तेरी आए, हम पर कृपा माँ कर दो, चरणों में बिठा[...]
स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जो मैं कभी था ही नहीं… कभी क्षमा नहीं करूँगा मैं उन चेहरों[...]
राम के चरणों में केवट का प्यार – उमेश कुमार सिन्हाराम के चरणों में केवट का प्यार – उमेश कुमार सिन्हा
राम के चरणों में केवट का प्यार – उमेश कुमार सिन्हा गंगा तट पर राम खड़े थे, वन जाने की[...]
