पिता – गिरींद्र मोहन झा

पिता परमपिता परमेश्वर हैं, हम सब उनकी संतान, उन्हीं की अनुकम्पा से, हम सब सदा क्रियमाण । सबसे पहले परमपिता परमात्मा को प्रणाम, उन्हें वन्दन, उनका स्तवन, पुण्यप्रद उनके नाम।।…

पिता – रुचिका

पिता पिता गहरी काली तमस में बनकर आते हैं प्रकाश। उनसे जुड़ी हुई है मेरे जीवन की हर आस। वह जेठ की भरी दुपहरी में आते हैं बनकर हवा का…

रोको! रोते भगवान हैं – उज्जवला छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

रोको!रोते भगवान हैं।। मात पिता मेरे पास हैं। रखते वे मुझसे आस हैं।। कहते हैं वे ऐसा करो। सचमुच लांछन से डरो।। गहराई लेकर बोलते। शब्दों को वे हैं तोलते।।…

पिता – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

पिता पितृ दिवस पर आज सभी, करते पितृ को याद। पाकर आशीष पितृ से,होते खुश औलाद।। मात-पिता के स्थान का,करता जो नित ध्यान। बिन पोथी के ज्ञान ही,पाता वो सम्मान।।…

पिता हीं हैं शान हमारी- मृत्युंजय कुमार

पिता हीं है शान हमारी पिता हीं है शान हमारी। है उनसे पहचान हमारी।। पिता का कर्ज चुकाना है। बेटा होने का अपना फर्ज निभाना है।। पिता जी रखते हमारा…

जैसे पास हमारे पापा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

जैसे पास हमारे पापा मेरा क्या सब कुछ तुम से है, प्राणों से तुम प्यारे पापा। हिय के अद्भुत सहज सोम तुम, शीतल चाँद हमारे पापा। बहुत याद आते हो…

नमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठक

नमन पिता को कीजिए- दोहा छंद कहें जनक पालक उन्हें, जिन चरणों में धाम। पिता वचन का मान रख, वनगामी श्रीराम।।०१।। कदम बढ़ाना अंक दे, जिसका है शुभ काम। नमन…

खाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान – मृत्युंजय कुमार

खाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान सुरक्षित और स्वस्थ भोजन हो अपना। तभी स्वास्थ्य बेहतर रहेगा अपना।। मिलावटी खाद्य सामग्री पहचानें। संतुलित आहार को अपनाना जानें।। पोषक तत्व वाला भोजन करना।…