Category: दिवस

रोको! रोते भगवान हैं – उज्जवला छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘रोको! रोते भगवान हैं – उज्जवला छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

0 Comments 10:24 pm

रोको!रोते भगवान हैं।। मात पिता मेरे पास हैं। रखते वे मुझसे आस हैं।। कहते हैं वे ऐसा करो। सचमुच लांछन[...]

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मैं पिता बन गया हूॅं – बिंदु अग्रवालमैं पिता बन गया हूॅं – बिंदु अग्रवाल

0 Comments 10:22 pm

मैं पिता बन गया हूँ छोड़ दी हैं मैंने सारी अठखेलियाँ क्योंकि अब मैं पिता बन गया हूँ। अब मैं[...]

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Kumkum

पिता – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’पिता – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 10:18 pm

पिता पितृ दिवस पर आज सभी, करते पितृ को याद। पाकर आशीष पितृ से,होते खुश औलाद।। मात-पिता के स्थान का,करता[...]

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पिता हीं हैं शान हमारी- मृत्युंजय कुमारपिता हीं हैं शान हमारी- मृत्युंजय कुमार

0 Comments 10:12 pm

पिता हीं है शान हमारी पिता हीं है शान हमारी। है उनसे पहचान हमारी।। पिता का कर्ज चुकाना है। बेटा[...]

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Snehlata

जैसे पास हमारे पापा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’जैसे पास हमारे पापा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 10:07 pm

जैसे पास हमारे पापा मेरा क्या सब कुछ तुम से है, प्राणों से तुम प्यारे पापा। हिय के अद्भुत सहज[...]

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नमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठकनमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:59 pm

नमन पिता को कीजिए- दोहा छंद कहें जनक पालक उन्हें, जिन चरणों में धाम। पिता वचन का मान रख, वनगामी[...]

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खाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान – मृत्युंजय कुमारखाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 10:17 pm

खाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान सुरक्षित और स्वस्थ भोजन हो अपना। तभी स्वास्थ्य बेहतर रहेगा अपना।। मिलावटी खाद्य सामग्री पहचानें।[...]

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गंगा दशहरा – द्विगुणित सुंदरी छंद गीत – राम किशोर पाठकगंगा दशहरा – द्विगुणित सुंदरी छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:01 pm

गंगा दशहरा – द्विगुणित सुंदरी छंद गीत मास ज्येष्ठ दशमी को, गंगा भू पर आना। आज दशहरा गंगा, जन-जन में[...]

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Kumkum

धरती की पुकार – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’धरती की पुकार – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 2:34 pm

धरती की पुकार धरती कहे पुकार के, अब सुन लो मेरे लाल। हर सुख-सुविधा तुम यहाँ से पाते, फिर,क्यों नहीं[...]

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