पिता हीं है शान हमारी पिता हीं है शान हमारी। है उनसे पहचान हमारी।। पिता का कर्ज चुकाना है। बेटा[...]
Category: दिवस
जैसे पास हमारे पापा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’जैसे पास हमारे पापा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
जैसे पास हमारे पापा मेरा क्या सब कुछ तुम से है, प्राणों से तुम प्यारे पापा। हिय के अद्भुत सहज[...]
नमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठकनमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठक
नमन पिता को कीजिए- दोहा छंद कहें जनक पालक उन्हें, जिन चरणों में धाम। पिता वचन का मान रख, वनगामी[...]
खाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान – मृत्युंजय कुमारखाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान – मृत्युंजय कुमार
खाद्य सुरक्षा पर रखना ध्यान सुरक्षित और स्वस्थ भोजन हो अपना। तभी स्वास्थ्य बेहतर रहेगा अपना।। मिलावटी खाद्य सामग्री पहचानें।[...]
गंगा दशहरा – द्विगुणित सुंदरी छंद गीत – राम किशोर पाठकगंगा दशहरा – द्विगुणित सुंदरी छंद गीत – राम किशोर पाठक
गंगा दशहरा – द्विगुणित सुंदरी छंद गीत मास ज्येष्ठ दशमी को, गंगा भू पर आना। आज दशहरा गंगा, जन-जन में[...]
धरती की पुकार – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’धरती की पुकार – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
धरती की पुकार धरती कहे पुकार के, अब सुन लो मेरे लाल। हर सुख-सुविधा तुम यहाँ से पाते, फिर,क्यों नहीं[...]
धरा को बचाएँ- रुचिकाधरा को बचाएँ- रुचिका
धरा को बचाएँ ये विकास की बढ़ती रफ्तार है, पेडों पर हो रहा देखो वार है। एक तरफ पेड़ लगाने[...]
खूब लगाएँ पेड़- मनु कुमारीखूब लगाएँ पेड़- मनु कुमारी
खूब लगायेें पेड़ (दोहा छंद) कुदरत को हमने दिया, विविध रूप से छेड़। आओ लें संकल्प अब , खूब लगायें[...]
कहर कुदरत का- बिंदु अग्रवालकहर कुदरत का- बिंदु अग्रवाल
कहर कुदरत का कुदरत का यह कहर है, या फिर मानव ने विष घोला है। हाहाकार मचा धरती पर, किसने[...]
पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ – मृत्युंजय कुमारपेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ – मृत्युंजय कुमार
पेड़ लगाओ – पर्यावरण बचाओ आओ पेड़ लगाए हम। पर्यावरण को स्वच्छ बनाए हम।। पेड़ – पौधों के संरक्षण को,[...]
