दोहावली योग सौम्य संजीवनी “””'””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” योग गणित का अंश है, यही खोज पहचान।। दिव्य मिलन परमात्म का, सुंदर शुभ अवदान।।०१[...]
Category: दिवस
करें योग रहें नीरोग – मृत्युंजय कुमारकरें योग रहें नीरोग – मृत्युंजय कुमार
करें योग-रहे नीरोग आओ हम सब योग करें। जीवन को नीरोग करें।। सुबह सवेरे उठकर जो करते हैं योग। बिमारी[...]
योग भगाए रोग – आशीष अम्बरयोग भगाए रोग – आशीष अम्बर
योग भगाए रोग । नित्य जो करता मानव योग। रहे जीवन में सदा नीरोग ।। ऋषि – मुनियों ने किया[...]
योग – गिरींद्र मोहन झायोग – गिरींद्र मोहन झा
योग योग का अर्थ है जुड़ना, एकाग्रता, निरन्तर अभ्यास। कर्म-कुशलता, समत्व, दुःखसंयोग-वियोग का प्रयास।। भक्तियोग, ज्ञानयोग, राजयोग, कर्मयोग इनके चार[...]
योग जरूरी है – बिंदु अग्रवालयोग जरूरी है – बिंदु अग्रवाल
योग जरूरी है हाँ ! योग जरूरी है। तन-मन और मस्तिष्क को, स्वस्थ रखने के लिए। शारीरिक विकास के लिए।[...]
पितृ दिवस – पूजा कुमारीपितृ दिवस – पूजा कुमारी
पितृ दिवस काश मैं भी महसूस कर पाती, पितृ दिवस मेरे हिस्से कभी न आई। वो प्यार भरी बातों को,[...]
Father – Ashish Kumar PathakFather – Ashish Kumar Pathak
Father Never ever wears a crown makes us feel like a king Weaves a world around us with every possible[...]
पिता व्योम के तुल्य हैं – विधा दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’पिता व्योम के तुल्य हैं – विधा दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
विधा – दोहा पिता व्योम के तुल्य हैं “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” पिता व्योम के तुल्य हैं, पिता सृष्टि विस्तार। जीवन दाता हैं[...]
पिता – गिरींद्र मोहन झापिता – गिरींद्र मोहन झा
पिता परमपिता परमेश्वर हैं, हम सब उनकी संतान, उन्हीं की अनुकम्पा से, हम सब सदा क्रियमाण । सबसे पहले परमपिता[...]
पिता – रुचिकापिता – रुचिका
पिता पिता गहरी काली तमस में बनकर आते हैं प्रकाश। उनसे जुड़ी हुई है मेरे जीवन की हर आस। वह[...]
