नारीत्व का सुख हर महीने जो आती है रीत। उसे समझो न कोई बुरी प्रीत।। चाँद से जुड़ी इसकी चाल।[...]
Category: दिवस
रोकती बीमारियाँ – मनहरण घनाक्षरीरोकती बीमारियाँ – मनहरण घनाक्षरी
रोकती बीमारियाँ।- मनहरण घनाक्षरी उम्र किशोरी का आया, सौगात नयी है लाया, अंग-अंग है मुस्काया, बढ़ी जिम्मेदारियाँ। प्रजनन की तैयारी,[...]
माहवारी औरतों के लिए ईश्वरीय वरदान – नीतू रानीमाहवारी औरतों के लिए ईश्वरीय वरदान – नीतू रानी
माहवारी औरतों के लिए ईश्वरीय वरदान। माहवारी ईश्वर ने दिया औरतों को यह वरदान। जिससे हर घर में खेल रहा[...]
मैं हूॅं माहवारी – मनु कुमारीमैं हूॅं माहवारी – मनु कुमारी
मैं हूँ माहवारी! मैं हूँ ईश्वर का वरदान । मैं बढ़ाती हूँ नारी का मान।। संतान सुख का मैं राह[...]
रक्त की रेखा – अरुण कुमार तिवारीरक्त की रेखा – अरुण कुमार तिवारी
“रक्त की रेखा” हर माह वो सहती है, चुपचाप सी पीड़ा। न पेट कहे कुछ, न पीठ की धारा धीमा।[...]
पकड़े उन्हें न बीमारी – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकपकड़े उन्हें न बीमारी – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
पकड़े उन्हें न बीमारी – लावणी छंद गीत आओं समझे हम नारी को, जिनकी महिमा है भारी। सृजन हमारा जिनसे[...]
आँचल मैं भर लूँ- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’आँचल मैं भर लूँ- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
आँचल मैं भर लूँ मैं सावित्री बन ईश्वर से , पिय प्राण वरण कर लूँ। मैं काल के नियमों को[...]
वट-सावित्री – दोहा छंद – राम किशोर पाठकवट-सावित्री – दोहा छंद – राम किशोर पाठक
वट- सावित्री – दोहें खास अमावस ज्येष्ठ को, मिलता ऐसा योग। पति की रक्षा कर सके, नारी निज उद्योग।।०१।। सती[...]
कछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरवकछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरव
कछुए की चाल धीरे-धीरे चलता कछुआ, धैर्य-ध्वनि-सा बलता कछुआ। शांत, सहज, संकल्पी लगता, मौन मगर हर पलता कछुआ।। जल-थल दोनों[...]
विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठकविश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठक
विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद आज हुआ कछुआ दुर्लभ, रहता है जल के भीतर। कर सकता भी है थल[...]
