Category: बाल कविता

शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमारशिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 5:10 am

शिक्षा का महत्व मम्मी-पापा ने स्कूल में नाम लिखवाया। कंधे पर बस्ता टंगवाया।। घर से चले स्कूल छोड़ने। शिक्षा की[...]

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Amarnath Trivedi

गर्मी की छुट्टी का आनंद – अमरनाथ त्रिवेदीगर्मी की छुट्टी का आनंद – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:03 am

गर्मी की छुट्टी का आनंद हुई हर  वर्ष  गर्मी की छुट्टी, इस   बार    भी  वही   हुई । हम बच्चों  के[...]

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खुद पढ़कर तू मुझे पढ़ाना – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’खुद पढ़कर तू मुझे पढ़ाना – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

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खुद पढ़कर तू मुझे पढ़ाना।‌ काले तेरे केस निराले, जामुन जैसे काले-काले, फिर से नाम लिखालो दादू, नंबर एक मिलेगा[...]

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बच्चों की चाह – बिंदु अग्रवालबच्चों की चाह – बिंदु अग्रवाल

0 Comments 4:52 am

बच्चों की चाह हम फूल हैं नन्हीं बगिया के, हमसे ही दुनिया महकेगी। विद्यालय जाएँगे जब हम, शिक्षा की ज्योति[...]

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महासागर – बाल कविता – राम किशोर पाठकमहासागर – बाल कविता – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:45 am

महासागर आओ बच्चों तुम्हें बताएँ। बात पुरानी याद दिलाएँ।। सात समंदर कहती नानी। दूर देश की कथा सुहानी।। आओ जाने[...]

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निहारे जा रहा हूॅं मैं- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’निहारे जा रहा हूॅं मैं- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 2:19 pm

निहारे जा रहा हूॅं मैं। फिर से चित्र बनाने को, फिर से इत्र सुॅंघाने को, लेकर खुशी के ढोल-,नगारे जा[...]

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क्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठकक्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:38 pm

क्या मैं अबोध हूॅं। माँ सुनो तो, एक बात जरा, क्या मैं अबोध हूॅं ? पाँच वर्ष की हो गयी,[...]

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Amarnath Trivedi

बहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदीबहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:21 pm

बहुत गरम हुए सूरज दादा बहुत गरम हुए सूरज दादा, कोई उन्हें समझाए न। कैसे हमारे दिन कटेंगे, कोई उन्हें[...]

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