शिक्षा का महत्व मम्मी-पापा ने स्कूल में नाम लिखवाया। कंधे पर बस्ता टंगवाया।। घर से चले स्कूल छोड़ने। शिक्षा की[...]
Category: बाल कविता
गर्मी की छुट्टी का आनंद – अमरनाथ त्रिवेदीगर्मी की छुट्टी का आनंद – अमरनाथ त्रिवेदी
गर्मी की छुट्टी का आनंद हुई हर वर्ष गर्मी की छुट्टी, इस बार भी वही हुई । हम बच्चों के[...]
उड़ान – रुचिकाउड़ान – रुचिका
उड़ान बच्चों तुम हो देश की जान, बनाओ अपनी विशेष पहचान, सीमाओं में मत बंधो तुम, हो तुम्हारी उन्मुक्त उड़ान।[...]
खुद पढ़कर तू मुझे पढ़ाना – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’खुद पढ़कर तू मुझे पढ़ाना – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
खुद पढ़कर तू मुझे पढ़ाना। काले तेरे केस निराले, जामुन जैसे काले-काले, फिर से नाम लिखालो दादू, नंबर एक मिलेगा[...]
बच्चों की चाह – बिंदु अग्रवालबच्चों की चाह – बिंदु अग्रवाल
बच्चों की चाह हम फूल हैं नन्हीं बगिया के, हमसे ही दुनिया महकेगी। विद्यालय जाएँगे जब हम, शिक्षा की ज्योति[...]
महासागर – बाल कविता – राम किशोर पाठकमहासागर – बाल कविता – राम किशोर पाठक
महासागर आओ बच्चों तुम्हें बताएँ। बात पुरानी याद दिलाएँ।। सात समंदर कहती नानी। दूर देश की कथा सुहानी।। आओ जाने[...]
निहारे जा रहा हूॅं मैं- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’निहारे जा रहा हूॅं मैं- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
निहारे जा रहा हूॅं मैं। फिर से चित्र बनाने को, फिर से इत्र सुॅंघाने को, लेकर खुशी के ढोल-,नगारे जा[...]
क्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठकक्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठक
क्या मैं अबोध हूॅं। माँ सुनो तो, एक बात जरा, क्या मैं अबोध हूॅं ? पाँच वर्ष की हो गयी,[...]
बचपन – रूचिकाबचपन – रूचिका
बचपन बगीचे में नही जाता बचपन, बागों की दौड़ नही लगाता बचपन, मोबाईल की दुनिया में देखो कैसे अब गुम[...]
बहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदीबहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदी
बहुत गरम हुए सूरज दादा बहुत गरम हुए सूरज दादा, कोई उन्हें समझाए न। कैसे हमारे दिन कटेंगे, कोई उन्हें[...]
