Category: बाल कविता

भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकभरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:59 pm

भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत बच्चों को हम बच्चा मानें, देना उनको ज्ञान है। नहीं बोध है[...]

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Amarnath Trivedi

विनती करूँ मैं भगवान – अमरनाथ त्रिवेदीविनती करूँ मैं भगवान – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:53 pm

विनती करूँ मैं भगवन विनती करूँ मैं भगवन , तुम अपना मुझे बना लो । हर  अज्ञानता के पगोंं से[...]

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बच्चों का स्वागत – मृत्युंजय कुमारबच्चों का स्वागत – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 9:50 pm

बच्चों का स्वागत ग्रीष्मावकाश बाद स्कूल खुले हैं। बच्चे घर से बस्ता लेकर स्कूल चले हैं।। बच्चों के चेहरे पर[...]

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आज से स्कूल है जाना – सखी छंद – राम किशोर पाठकआज से स्कूल है जाना – सखी छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:43 pm

आज से स्कूल है जाना – सखी छंद पाकर पावस की बूँदें। है कहती अखियाँ मूंँदें।। प्रेमा चाह रही सोना।[...]

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Jainendra

देशी खाना – जैनेन्द्र प्रसाद रविदेशी खाना – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:20 am

देशी खाना- बाल कविता छोड़ो बच्चों स्प्राइट माजा, आम लाओ मीठा व ताजा। पिज़्ज़ा-बर्गर-नूडल त्यागो, खाओ खूब रोटी और दाल।।[...]

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Amarnath Trivedi

पुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदीपुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:29 pm

पुस्तक है हम सबका साथी पुस्तक है हम  सबका  साथी , ज्ञान विज्ञान की है यह  बाती । नया  सवेरा[...]

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मौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठकमौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:17 pm

मौसम गर्मी वाला आया- चौपाई छंद – बाल कविता बिटिया रानी सुनो कहानी। दुनिया करती है नादानी।। कभी न करना[...]

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Amarnath Trivedi

उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदीउमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:06 pm

उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल केवल बादल नहीं बरसात भी हो , प्रचंड  गर्मी   पर  आघात  भी हो । कुछ [...]

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Snehlata

कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 10:03 pm

कोयल कोयल भोली भाली है, बोली बहुत निराली है। श्याम सलोनी प्यारी है, धुन तेरी मतवाली है। तेरी बोली सुनने[...]

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गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

0 Comments 9:59 pm

गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं। इतनी है आसान पढ़ाई, कर लो माते बड़ी भलाई, संग ककहरा आकर सीखो, सीखी नहीं[...]

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