भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत बच्चों को हम बच्चा मानें, देना उनको ज्ञान है। नहीं बोध है[...]
Category: बाल कविता
विनती करूँ मैं भगवान – अमरनाथ त्रिवेदीविनती करूँ मैं भगवान – अमरनाथ त्रिवेदी
विनती करूँ मैं भगवन विनती करूँ मैं भगवन , तुम अपना मुझे बना लो । हर अज्ञानता के पगोंं से[...]
बच्चों का स्वागत – मृत्युंजय कुमारबच्चों का स्वागत – मृत्युंजय कुमार
बच्चों का स्वागत ग्रीष्मावकाश बाद स्कूल खुले हैं। बच्चे घर से बस्ता लेकर स्कूल चले हैं।। बच्चों के चेहरे पर[...]
आज से स्कूल है जाना – सखी छंद – राम किशोर पाठकआज से स्कूल है जाना – सखी छंद – राम किशोर पाठक
आज से स्कूल है जाना – सखी छंद पाकर पावस की बूँदें। है कहती अखियाँ मूंँदें।। प्रेमा चाह रही सोना।[...]
देशी खाना – जैनेन्द्र प्रसाद रविदेशी खाना – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
देशी खाना- बाल कविता छोड़ो बच्चों स्प्राइट माजा, आम लाओ मीठा व ताजा। पिज़्ज़ा-बर्गर-नूडल त्यागो, खाओ खूब रोटी और दाल।।[...]
पुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदीपुस्तक है हम सबका साथी- अमरनाथ त्रिवेदी
पुस्तक है हम सबका साथी पुस्तक है हम सबका साथी , ज्ञान विज्ञान की है यह बाती । नया सवेरा[...]
मौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठकमौसम गर्मी वाला आया-चौपाई छंद – राम किशोर पाठक
मौसम गर्मी वाला आया- चौपाई छंद – बाल कविता बिटिया रानी सुनो कहानी। दुनिया करती है नादानी।। कभी न करना[...]
उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदीउमड़- घुमड़ कर बरसो बादल – अमरनाथ त्रिवेदी
उमड़- घुमड़ कर बरसो बादल केवल बादल नहीं बरसात भी हो , प्रचंड गर्मी पर आघात भी हो । कुछ [...]
कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’कोयल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
कोयल कोयल भोली भाली है, बोली बहुत निराली है। श्याम सलोनी प्यारी है, धुन तेरी मतवाली है। तेरी बोली सुनने[...]
गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
गर्मी छुट्टी मना रही हूॅं। इतनी है आसान पढ़ाई, कर लो माते बड़ी भलाई, संग ककहरा आकर सीखो, सीखी नहीं[...]
