हुआ धन्य अयोध्या नगरी , श्री राम लिए अवतार । राजा दशरथ हुए निहाल , बाजे बधैया चहुंओर। मुखड़ा चंद्र[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
राम जन्म का अवसर यह-अमरनाथ त्रिवेदीराम जन्म का अवसर यह-अमरनाथ त्रिवेदी
1.राम जन्म का अवसर यह, खुशियों का भी आधार है । साध चलो इसे मन से तो, अपना निश्चित ही बेरापार है । राम नाम मन गा[...]
सब तुम्हारा ही आसरा है -अमरनाथ त्रिवेदीसब तुम्हारा ही आसरा है -अमरनाथ त्रिवेदी
प्रभु जी सब आसरा तुम्ही हो , इसे दिल में बसाए रखना । प्रभु ज़ी तुमसे है हर नाता , सदा इसे बनाए रखना । दीप आशा क़े तुम्हीं जलाए , लाए संसार [...]
नव संवत्सर-राम किशोर पाठकनव संवत्सर-राम किशोर पाठक
आया नव संवत्सर, हम झूमें गाएँ। माँ का पूजन करके, उल्लास मनाएँ।। इसी दिवस शुरू किए, ब्रह्म सृष्टि रचना। राम[...]
नव संवत्सर में शैलजा-राम किशोर पाठकनव संवत्सर में शैलजा-राम किशोर पाठक
संवत्सर प्रारंभ नव, प्रथम दिवस है आज। आदि शक्ति शुभ शैलजा, पूजे सकल समाज।। आदि शक्ति के रूप का, दर्श[...]
राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक
राम वन से आ गये। देवता बन भा गये।। सूचना से राष्ट्र में। हर्ष पूरे छा गये।। शोक चौदह साल[...]
मातु अम्बे आ रही-राम किशोर पाठक मातु अम्बे आ रही-राम किशोर पाठक
मातु अम्बे आ रही। सौम्यता दिखला रही।। भक्त को खुशियाँ मिली। दुष्ट को दहला रही।। रात्रि नौ मधुमास की। दिव्यता[...]
मेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठकमेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठक
शिव शंभू अविनाशी, कहलाते जो कैलाशी, घट-घट के हैं वासी, पार्वती के साथ जी। बेलपत्र पर रीझे, भक्तों से कभी[...]
करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
मुनि से शापित ये सुकोमल सी नारी, हो गई उपेक्षित अहल्या बेचारी। महा तपस्विनी थी विदुषी जो नारी, क्यों बन[...]
हरि वामन बन आए-राम किशोर पाठकहरि वामन बन आए-राम किशोर पाठक
भक्ति पुष्प फुलवारी महके, हरि आते हर्षाए। असुर राज बलि के ही द्वारे, हरि वामन बन आए।। प्रहलाद भक्त पुत्र[...]
