राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक

राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए। कौआ चील गिद्ध मोर, पक्षियों के भाए शोर,…

हनुमान -रामकिशोर पाठक

हनुमान- कहमुकरी संग कभी भय नहीं सताता। साहस मुझमें भी उपजाता।। शंका का करता समाधान। क्या सखि? साजन! न सखि! हनुमान।।०१।। सबसे ज्यादा है बलशाली। तन पर डाले फिरता वाली।।…

श्री जी -कुमकुम कुमारी काव्याकृति

श्री जी अद्भुत छवि है श्री जी तेरी, हटती नहीं नजरिया। माथे कुमकुम दमक रही है, नैनों में साँवरिया।। हो गई बावरी आके मैं, वृषभानु की नगरिया। शाश्वत चमक लुटा…

क्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमार

बीते को भुलाना, नए को अपनाना, जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना, अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना, खट्टी मीठी यादों का बीता सफर सुहाना, यादों के झरोखों से…

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक

कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है कोहरा, दृष्टि सभी की छल रही।। मुश्किल होता देखना, आस-पास…

रघुवर नमन- राम किशोर पाठक 

करता रघुवर नमन तुम्हारा। चंचल चितवन चमन हमारा।। कैसे सुलभ सहज सब पाऊँ। कैसे निषाद चरण पखारा।। करता रजकण शिला अहिल्या। दे दो प्रभु अब हमें किनारा।। पाया अतिशय दुख…

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक

बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव कहके।। पुलकित रहना। हिय निज महना।। अपयश दहना। सुख सब…

गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक

गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी! गणेश।।०१।। छोटे-छोटे काले नैना। हर लेते मेरे चित चैना।। देता…

रूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनम

ऊँ कृष्णाय नमः विधा:-रूपघनाक्षरी। विषय:-शृंगार। उठती हैं सागर में, तरंगें हजारों बार, सिन्धु करे जल राशि,से शृंगार बार-बार। केवट है नैया पर, गाते गीत मलहार, झूम रहे संगी-साथी,पहुँचे हैं उस…