Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Ram Kishore Pathak

शरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठकशरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:41 pm

ध्यान लगा मैं कर सकूँ, रचना की बरसात। भजन करूँ नित मातु की, शरण गहूँ दिन-रात।। शब्द पुष्प के हार[...]

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Jainendra

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:36 pm

श्याम वंशीवाला सिर पे मुकुट मोर, गोपियों के चित्तचोर, होंठ लाले-लाल किये, खड़ा बंसी वाला है। कहते हैं ग्वाल-बाल, मित्र[...]

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Ram Kishore Pathak

फिर क्यों करती है माँ हल्ला-राम किशोर पाठकफिर क्यों करती है माँ हल्ला-राम किशोर पाठक

0 Comments 4:06 pm

कहती अम्मा मुझको लल्ला। फिर क्यों करती है माँ हल्ला।। कान्हा थें कितना ही नटखट। माखन मिसरी खाते चटपट।। घूमा[...]

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Ram Kishore Pathak

आओ हे बनवारी- राम किशोर पाठक आओ हे बनवारी- राम किशोर पाठक 

0 Comments 5:47 pm

आओ हे बनवारी- गीत हरने कष्ट हमारी। आओ हे बनवारी।। मेरा धर्म बचाना। करना नहीं बहाना।। आस रखी दुखियारी। आओ[...]

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Ram Kishore Pathak

भोलेनाथ हमारे – राम किशोर पाठकभोलेनाथ हमारे – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:08 pm

भोलेनाथ हमारे । तेरे भक्त पुकारे ।। आएँ हैं सब द्वारे । तू ही कष्ट उबारे।। आओ हे त्रिपुरारी। नैना[...]

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Ram Kishore Pathak

देवता साक्षात् नभ से…राम किशोर पाठकदेवता साक्षात् नभ से…राम किशोर पाठक

0 Comments 9:19 pm

गीत (गीतिका छंद) कष्ट हरना है जगत का, आज यह समझा गए।देवता साक्षात नभ से, पूछने हैं आ गए।। पर्व[...]

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Ram Kishore Pathak

सजा है घाट- गीतिका…राम किशोर पाठकसजा है घाट- गीतिका…राम किशोर पाठक

0 Comments 9:14 pm

सजा है घाट उपवन सा, जहाँ आए लिए डाला।भरी फल से सभी डाला, हुआ मोहक नदी नाला।। सभी हैं हाथ[...]

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Jainendra

प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसादप्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 11:20 pm

प्रभाती पुष्प सूर्य देव से प्रार्थना मनहरण घनाक्षरी छंद नर-नारी संत-यति, उपवास रख ब्रती,! धन बल पुत्र हेतु, करते उपासना।[...]

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ashish amber

छठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बरछठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बर

0 Comments 11:16 pm

छ्ठ मैया की महिमा निराली खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं[...]

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