Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

ashish amber

कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बरकविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर

0 Comments 3:57 pm

कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर गीत हजारों लिखे गये सब पड़े पुराने, देखो आया फिर बसंत[...]

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Manu Raman Chetna

मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारीमन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी

0 Comments 7:53 pm

एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर[...]

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Ram Kishore Pathak

आया है गणतंत्र हमारा – राम किशोर पाठकआया है गणतंत्र हमारा – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:35 pm

आया है गणतंत्र हमारा- सरसी छंद गीत जन-गण-मन हो सुंदर अपना, आओ प्यारे संग।आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।।[...]

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Ram Kishore Pathak

कश्यप नंदन देव दिवाकर – राम किशोर पाठककश्यप नंदन देव दिवाकर – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:36 pm

कश्यप नन्दन देव दिवाकर- सरसी छंद गीत तुमसे ही जग जीवन पाता, करते तुम उपकार।कश्यप नन्दन देव दिवाकर, नमन करो[...]

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Aastha deepali

वसंत- आस्था दीपालीवसंत- आस्था दीपाली

0 Comments 7:37 pm

(हाइकू) १ कोपल मुस्काई- भीनी आम्र-मंजरी में नव-प्राण-स्पंदन। २ पीत-पुष्प खिले- नीरव आँगन के भीतर स्मृति-सरोवर जागा। ३ सरसों हँसी-[...]

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मां वागीश्वरी – मनु कुमारीमां वागीश्वरी – मनु कुमारी

0 Comments 1:31 pm

जयति जय माँ वागेश्वरी, सरस्वती विंध्यवसिनी lसकल जगत की माता तुम हो, हे सकल मंगलकारिनी..जयति माँ वागेश्वरी.. तुम हो पद्मासना[...]

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Nitu Rani

स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानीस्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी

0 Comments 8:57 am

कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर[...]

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Ram Kishore Pathak

सरस्वती वंदना – राम किशोर पाठकसरस्वती वंदना – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:58 pm

सुर ताल पल में सहज साध जाऊँ।मैं जो तुम्हारी चरण धूल पाऊँ।। रचना सभी छंद पल में करूँ मैं।हर छंद[...]

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वर दे वीणावादिनी – बिंदु अग्रवालवर दे वीणावादिनी – बिंदु अग्रवाल

0 Comments 7:22 pm

वर दे वीणावादिनी,जय माँ तू हंसवाहिनीहृदय तिमिर को मिटातू ज्योत ज्ञान की जला। अज्ञानता की कालिमा काअब ना अट्टहास हो,दैदिप्यमान[...]

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