पूर्व अमित आख्यान सुन , क्यों नहीं तू सँभल रहे हो ? किस द्वेष -राग मे लिप्त हो , मानवता[...]
Category: Bhawna
दोस्ती – दीपा वर्मादोस्ती – दीपा वर्मा
दोस्ती कोई स्वार्थ नही , एक विश्वास होती है..। एहसास से बना एक रिश्ता , जो बहुत खास होती है।[...]
कर्मगति -अमरनाथ त्रिवेदीकर्मगति -अमरनाथ त्रिवेदी
यहाँ काल के कपाल पर , निज कर्म अमिट होता गया । जो स्वप्न में धरे रह गए , वह[...]
आने वाला कल -चंचला तिवारीआने वाला कल -चंचला तिवारी
कल हमको तुम ना पाओगे बताओ कैसे हमें भुलाओगे ? कैसे उलझनों को सुलझाओगे? किसपे झुंझलाहटों को बरपाओगे? कल हमको[...]
मैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषणमैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषण
हांं, हूं मैं एक अंतर्मुखी, रहती, हूं मैं स्वयं में सिमटी, कभी हूं मैं कविता मन के तरानों की, कभी[...]
बालिका-शिक्षा – पामिता कुमारीबालिका-शिक्षा – पामिता कुमारी
बेटी पढाईला से कछु नय बिगरतै हे बाबूजी तोहर पगड़ी नय गिरतै। बेटी और बेटा में भेद नय करिहो, दोनो[...]
मन की चाह -एस.के.पूनममन की चाह -एस.के.पूनम
मुक्त रहूँ निशा के स्याह चादर से, बहते शीतल पवन के झोंकों में, भोर भए अंगडाई लूँ नूतन वेला में,[...]
वक्त बदल गया- दीपा वर्मावक्त बदल गया- दीपा वर्मा
क्या से क्या हो गया, वक्त यू क्यू बदल गया। इंसान की पहचान खो गई, इंसान के व्यवहार से इंसान[...]
प्रभाती पुष्प- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी ****** लाखों मनुहार करें, कितना भी प्यार करें, पिंजरे में बंद पक्षी खुश नहीं दिखता । समय प्रभात[...]
लेखन मेरे लिये वरदान- कंचन प्रभालेखन मेरे लिये वरदान- कंचन प्रभा
मैं अभिशाप थी इस धरती पर जैसे कोई शाप थी इस धरती पर, भीड़ भरी दुनिया में मैं गुमनाम बन[...]
