। गणतंत्र दिवस कविता – मुन्नी कुमारी।

। गणतंत्र दिवस। छब्बीस जनवरी का दिन है सुहाना, गणतंत्र हुआ है देश अपना । संविधान का मान बनाए रखना, अधिकार अपना जताए रखना। यह केवल पर्व नहीं, इतिहास की…

लाला लाजपत राय – मनु कुमारी

लाला लाजपत राय (जयंती विशेष) पंजाब की धरती पर जन्म लिया,देशप्रेम का दीप जला।28 जनवरी का शुभ दिन,भारत माँ को यह वीर मिला। लाला लाजपत राय थे नाम,साहस जिनका था…

सेना हमारी शान- भवानंद सिंह

धनाक्षरी छंद सेना हमारे देश की,आन,बान व शान है,सेवा समर्पण ही इनकी पहचान है। देश रहे सुरक्षित,अखंड और अटूट,इनमें ही इनका अपना स्वाभिमान है। गर्व होता इनपर,देश और समाज को,हमें…

मां भारती के साधक – मनु कुमारी

माँ भारती का साधक : माखनलाल चतुर्वेदी कलम नहीं थी उनकी केवल,ज्वाला थी अंगार बनी।शब्दों में राष्ट्र धड़कता था,भारत माँ साकार बनी।। न भय लिखा, न दास्यता,न झुकी कभी उनकी…

सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ

सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ सावित्रीबाई फुले,  एक नाम है गर्व का, सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का, महिला शिक्षा की, एक बेमिसाल पहचान का। लाया बदलाव, लाई नई…

मैं राष्ट्र धर्म को अपनाया – राम किशोर पाठक 

मैं बहती बन जाऊँ सरिता  मैं जीवन में लाऊँ ललिता  मैं झुंड यहाँ देखूँ कितने मैं ढूँढ रहा खुद के सपने  मैं उतर सकूँ गहराई में  मैं अपनी ही परछाई…

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं हम जिससे, संविधान उसको कहते।। आजादी जब हमने पायी, हमको…