तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी

तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ मिले तो राहें मुस्कुराती हैं, अधूरी-सी ज़िंदगी भी पूरी हो…

तिरंगा का करें सम्मान-विवेक कुमार

तिरंगा है भारत की शान, इसमें बसती देश की जान। केसरिया कहता साहस–त्याग, श्वेत सिखाता सत्य–ज्ञान। हरा रंग हरियाली बोले, खेत–खलिहान, वन–उपवन डोले। अशोक चक्र हर पल सिखाए, रुकना नहीं,…

स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी

कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…

फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

फसलों का त्योहार है खिचड़ी  प्रकृति का उपहार है खिचड़ी  देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर  लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी  नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने  फिर…

प्रेम की पतंग-मनु कुमारी

मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं,  प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां को सजाते हैं। प्रेम की पतंग पिया हम साथ में…

लोहड़ी पर्व -मनु कुमारी

खुशियां लेकर लोहड़ी आई। सबके मन उमंग है छाई। सुख समृद्धि संग लेकर आती। सबको प्रेम से गले लगाती। पुराने फसल हैं काटे जाते। साथ नये फिर बोये जाते।  …

नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी

नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार  त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला संक्रांति एलै  महाशिवरात्रि एलै, एलै राष्ट्रीय त्योहार  त्योहार मेरी सखिया।…