पाक महीना है रमजान। चलो करें आत्म शुद्धि पर ध्यान।। तरावीह की नमाज़ पढ़ कर। शुरू करो नेक और निश्चल काम।। इस पाक महीना मे कभी ना करना तुम अपमान।…
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दिखा जो मीत चुन लेती-एस.के.पूनम
घनी-सी है चिकुर काली, न भीगे हैं पलक तेरी। गुलाबी रंग गालों का, अधर पर है हँसी मेरी। छिपाई जो दिखा दे तुम, कहा प्रिय को इशारे में। अपरिचित राह…
होली-भवानंद सिंह
राधा संग नंदलाल, खेले रंग व गुलाल, रंगों का त्योहार होली, खुशी से मनाइए। सबको गले लगाना, करें न कोई बहाना, कुत्सित मानसिकता,मन से मिटाइए। होली है त्योहार ऐसा, मन…
होली-गिरीन्द्र मोहन झा
भक्त प्रह्लाद की रक्षा में होलिका का हुआ दहन, पर्व होली का तब से ही जाना जाता है आरंभन, लोग खेलते हैं जमकर मिट्टी, रंग, गुलाल, अबीर, मन-आत्मा हो जाता…
फाग-राम किशोर पाठक
हुआ है धूमिल सभी उमंग। फाग में कैसे खेलें रंग।। लगे हैं रोटी में श्रीमान। सदा हैं वे भी तो हलकान।। याद उनको भी आती रोज। रहे नित अवसर को…
पैगाम – राम किशोर पाठक
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है मिलकर, लगा रहा सबको है रंग। मंद-मंद वह छूकर सबको,…
तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी
तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ मिले तो राहें मुस्कुराती हैं, अधूरी-सी ज़िंदगी भी पूरी हो…
तिरंगा का करें सम्मान-विवेक कुमार
तिरंगा है भारत की शान, इसमें बसती देश की जान। केसरिया कहता साहस–त्याग, श्वेत सिखाता सत्य–ज्ञान। हरा रंग हरियाली बोले, खेत–खलिहान, वन–उपवन डोले। अशोक चक्र हर पल सिखाए, रुकना नहीं,…
स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी
कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…
फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी
फसलों का त्योहार है खिचड़ी प्रकृति का उपहार है खिचड़ी देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने फिर…