तिरंगा है भारत की शान, इसमें बसती देश की जान। केसरिया कहता साहस–त्याग, श्वेत सिखाता सत्य–ज्ञान। हरा रंग हरियाली बोले, खेत–खलिहान, वन–उपवन डोले। अशोक चक्र हर पल सिखाए, रुकना नहीं,…
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स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी
कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…
फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी
फसलों का त्योहार है खिचड़ी प्रकृति का उपहार है खिचड़ी देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने फिर…
प्रेम की पतंग-मनु कुमारी
मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं, प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां को सजाते हैं। प्रेम की पतंग पिया हम साथ में…
मिथिला हाट – मनु कुमारी
सीता माय के पावन जन्मभूमि , मधुबनी झंझारपुर । ताहि में बनल अछि मिथिला हाट । गेलों घुमय सपरिवार। दुई बजे सब ओतय पहुंचलों । ओतय देखय छी उमड़ल भीड़…
लोहड़ी पर्व -मनु कुमारी
खुशियां लेकर लोहड़ी आई। सबके मन उमंग है छाई। सुख समृद्धि संग लेकर आती। सबको प्रेम से गले लगाती। पुराने फसल हैं काटे जाते। साथ नये फिर बोये जाते। …
मकर संक्रांति-रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
भोर आज हो रहा। हर्ष राज हो रहा।। आर-पार शोर है। लोहड़ी हिलोर है।। आज सूर्य आ गया। लाल सब्र छा गया।। हर्ष तो नवीन है। दर्द से विहीन है।।…
नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी
नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला संक्रांति एलै महाशिवरात्रि एलै, एलै राष्ट्रीय त्योहार त्योहार मेरी सखिया।…
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी
वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी सब गायों के बीच में वंशी बजाए नंदलाल, एक भी नही दिख रहा वहाँ खड़ा कोई ग्वाल। मुरली बजा रहे नंदलाला देख रही सब…
कार्तिक पावन पूर्णिमा – गीतिका- राम किशोर पाठक
कार्तिक पावन पूर्णिमा, महिमा कहे बखान।कट जाता है पाप सब, कर गंगा में स्नान।। भीड़ उमड़ती घाट पर, मनहर लगता आज।दान-पुण्य भी कर रहे, कर्म सभी निज मान।। आओ हम…