वर्षा ऋतु वर्षा की रुत है बड़ी सुहानी, वर्षा तू ऋतुओं की है रानी, कभी तरसाती बूंद-बूंद को, कभी बरसती[...]
Category: Khushi
वर्षा-रानी कुमारीवर्षा-रानी कुमारी
वर्षा तपी हुई थी धरती, गर्मी के प्रकोप से चुपके-चुपके एक बूँद गिरी बादलों के ओट से पंछी चहके, धरती[...]
पटरी पर लौटती जिंदगी-अर्चना गुप्तापटरी पर लौटती जिंदगी-अर्चना गुप्ता
पटरी पर लौटती जिंदगी छाई है जो ऐसी महामारी हाहाकार मची बड़ी भारी सांसत में है सबकी जान हो गई[...]
