सूरज बाबा ने हद कर दी सुबह सवेरे आते जल्दी। सूनी सूनी सड़कें गलियाँ दुबके बैठे बच्चे घर जी। आंख[...]
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मौसम का असर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम का असर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
रात दिन में भी ज्यादा- पड़ता है फर्क नहीं, ज़ालिम मौसम देखो, ढा रहा कहर है। जैसे -जैसे दिन ढले,[...]
मेरी कलम बहुत छोटी – नीतू रानीमेरी कलम बहुत छोटी – नीतू रानी
मेरी कलम बहुत छोटी लिखती है छोटी और मोटी, रूकने का कभी नाम नहीं लेती अंग्रेजी, हिंदी सबकुछ लिखती। कभी[...]
फागुन का बयार-जयकृष्णा पासवानफागुन का बयार-जयकृष्णा पासवान
गुलाबी रंग की , परिणाम तो देखो । चारों दिशाओं की , आसमान तो देखो।। इन्द्रधनुष से सजी है, बादलों[...]
बालगीत – सुधीर कुमारबालगीत – सुधीर कुमार
नाच रहा मन मोर है । कितनी सुन्दर भोर है ।। तारे सारे लुप्त है । लोग भला क्यों सुप्त[...]
आँगन के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’आँगन के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जग के आंखों के हैं तारे ये आँगन के फूल हमारे, इनके आगे फीका लगता है नील गगन के चांद[...]
दो भाई- मीरा सिंह “मीरा”दो भाई- मीरा सिंह “मीरा”
सोनू मोनू हैं दो भाई करते सारे लोग बड़ाई। खेला करते साथ हमेशा कभी कभी वो करें लड़ाई।। उन दोनों[...]
तितली उड़ी-ब्यूटी कुमारीतितली उड़ी-ब्यूटी कुमारी
तितली उड़ी तितली उड़ी बनके परी बच्चों की टोली पीछे पड़ी। रंग बिरंगी पंखों वाली तितली है बड़ी मतवाली। फूलों[...]
