छाई घटा घनघोर, जंगल में नाचे मोर, श्याम धन संग-संग, झूमे आसमान ये। बागों में बहार आई, तितली भी इठलाई,[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
कवित्त छंंद- एस.के.पूनमकवित्त छंंद- एस.के.पूनम
घनघोर घटा छाई, बारिश की बूंदें लाई, धरा ताप भूल गई, देखे आसमान ये। घुमड़-घुमड़ कर, गगन में नाच कर,[...]
मैं तैयार हूं -जयकृष्णा पासवानमैं तैयार हूं -जयकृष्णा पासवान
कितने ज़ख्म सहे हैं हमने, छांव छोड़कर धूप खाये है हमने। “अपमान की आग से ” झुलसा है बदन मेरा।।[...]
सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद ठंडी-ठंडी हवा चली, मुरझाई कली खिली, देखो नीला आसमान, काला घन चमके। कोयल की सुन शोर, छाई[...]
मजदूर- मीरा सिंह “मीरा”मजदूर- मीरा सिंह “मीरा”
माना नहीं मशहूर वह सबकी आंखों का नूर वह। नित नया रचता रहे कुछ हम सबका है गुरुर वह।। काम[...]
श्रमिक की व्यथा-कथा- सुरेश कुमार गौरवश्रमिक की व्यथा-कथा- सुरेश कुमार गौरव
मैं भी शान से जीना चाहता हूं मेहनत की रोटी कमाता हूं, दृढ़ शौक है मेरे भी कुछ, बच्चों को[...]
मौसम का रंग- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम का रंग- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
(रूप घनाक्षरी छंद) ठंडी-ठंडी हवा चली, सूखी मिट्टी हुई गीली, धूल भरी आंधी लाया, बादल ने बूंदों संग। हाँफ रहे[...]
बाल मजदूर- अश्मजा प्रियदर्शिनीबाल मजदूर- अश्मजा प्रियदर्शिनी
अपने बचपन को खोता कितना वह लाचार। मलिन सी काया,दुर्बल छवि,जीर्ण- शीर्ण आकार। अत्यंत आवश्यक प्यासे को पानी भूखे को[...]
पुस्तक- मीरा सिंह “मीरापुस्तक- मीरा सिंह “मीरा
पुस्तक होती ज्ञान दायिनी सबको राह दिखाती है। मानव का सच्चा साथी बन हर पग साथ निभाती है।। अम्मा बन[...]
कुंडलियां छन्द – मनु कुमारीकुंडलियां छन्द – मनु कुमारी
कुंडलियां छन्द-मैथिली ( बैसाखी पर्व पर ) बैसाखी पाबैन में,दुलहिन रहूं जुड़ाय। अचल रहय अहिबात आ, सुन्दर बनय सुभाय।। सुन्दर[...]
