इन सर्दियों में ,गरीबों की रौनक रसहीन हो जाती है । सर्द थपेड़ों से जीना मुहाल हो जाती है ।[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
ताज़- जयकृष्णा पासवानताज़- जयकृष्णा पासवान
सुगम फरिश्तों के , ताज़ है आप । ममताऔर करुणा, की नाज़ है आप ।। “दिल इसे पाकर भला क्यों[...]
घरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवानघरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवान
कत्ह जतन स पाललकै पोसलकैय । पढ़ाय लिखाय करि जमीनों गमैलकैय ।। घर बसाय क बाबू करैय छौ किचकिचो ।[...]
उलझन -अमरनाथ त्रिवेदीउलझन -अमरनाथ त्रिवेदी
तन की पीड़ा भूल चुका पर , मन की पीड़ा भुला न पाया । सेवा अवसर आने पर भी ,[...]
जीवन मूल्य- अमरनाथ त्रिवेदीजीवन मूल्य- अमरनाथ त्रिवेदी
संसार यदि बदलना हो तो , पहले हमें बदलना होगा । छल -प्रपंच सहित मनुज को , जीवन मूल्य बदलना[...]
प्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवानप्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवान
आंखों की रोशनी भी, जुगनू बन-कर देखता रहा । समंदर से मोती भी गोता लगाकर निकालता रहा ।। कोई फरियाद[...]
विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार
ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]
शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
सूरज दादा शांत पड़े हैं जाड़े ऋतु से डरकर, सीना तान खड़ा हुआ शरद्ऋतु जब तनकर। चाय-कॉफी सबका मन भाए,[...]
चालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदीचालाक नहीं- अमरनाथ त्रिवेदी
चालाक नही ; बुद्धिमान बनो , कर्मवान बनो ; द्युतिमान बनो । अपमान नही ; सम्मान करो , सबका हित[...]
दोहे- अमरनाथ त्रिवेदीदोहे- अमरनाथ त्रिवेदी
जीव न काटे काल को ; कालहि काटे जीव , दुनिया ऐसी सिमट गई , पड़ा द्वंद्व में जीव ।[...]
