प्राण संग दुनिया से कर्म धर्म साथ जाते, केवल मानव तन जलता है आग़ में। दीप संग तेल जले परवाना[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानीऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानी
ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो कभी भी मेरी खोज नही करते तुम न हीं कभी कोई खैरियत पूछते[...]
पीएम पोषण योजना- नवाब मंजूरपीएम पोषण योजना- नवाब मंजूर
भोजन करते बच्चे लगते कितने अच्छे एक कतार में एक पंगत में अपने मित्रों के संगत में खा रहे हैं[...]
नमन मंच – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नमन मंच – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी “”””””””””””””””””””'” “डूबते को तिनके का” +++++++++++++ हजारों तारों के बीच, हमेशा चमकता है, जैसे आसमान बीच- एक ध्रुवतारा[...]
दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
काया वह किस काम की, अगर न हो उपयोग। श्रम की ज्वाला में तपा, करिए तब उपभोग।। बुरा कर्म होता[...]
काश वो बचपन लौट आए -संजय कुमारकाश वो बचपन लौट आए -संजय कुमार
काश,वो बचपन लौट आये, वो बचपन की भोली शरारत। वो बादलों को छूने की चाहत, तितलियों के पीछे भागना सपनों[...]
मंहगाई – जयकृष्ण पासवानमंहगाई – जयकृष्ण पासवान
बिन गोली तलवार बिना, कमर टूट रही है। भारत के कोने -कोने में, हहकार मच रही है ।। कौन है[...]
हल्का हो गया बस्ता – एस.के.पूनमहल्का हो गया बस्ता – एस.के.पूनम
रात्रि-पहर जल्दी से सो जाता था, बोझिल मन से प्रातः उठ जाता था, सहम जाता बस्ते का बोझ उठाने से,[...]
राष्ट्र सेवा – नवाब मंजूरराष्ट्र सेवा – नवाब मंजूर
जब मुश्किल में हो देश तो बंधु पीछे आगे न देख लग जा , भिड़ जा , तन से मन[...]
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी वर्षा ऋतु आने पर, नदी नाले भरे जाते, आनंद से रहती है मछली तालाब में। लोगों की नज़र[...]
