Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

मैं प्रकृति हूँ- संदीप कुमारमैं प्रकृति हूँ- संदीप कुमार

0 Comments 7:20 pm

मैं प्रकृति हूँ मैं प्रकृति हूँ! इंसान मैं तुझे क्या नहीं देती हूँ सबकुछ समर्पित करती हूँ तेरे लिए फिर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हौसलों की उड़ान अभी बाकी है-नूतन कुमारीहौसलों की उड़ान अभी बाकी है-नूतन कुमारी

0 Comments 9:30 am

हौसलों की उड़ान अभी बाकी है सारी बाधाएँ को पार कर, सफलता की परचम मैं लहराऊँ, जो नहीं हुआ सदियों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 11:19 am

मैं शिक्षक हूँ मैनें तो सूरज चाँद रचा, इस जीवन का सम्मान रचा, नव अंकुर नव कोपलों में, रच बस[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

निर्वाण-मनोज कुमार दुबेनिर्वाण-मनोज कुमार दुबे

0 Comments 3:23 pm

निर्वाण हे मातृभूमि वसुधा धरा वसुंधरा। अर्पित है तेरे चरण रज लोहित मेरा।। तू विभवशालिनी विश्वपालिनी दुःखहर्त्री है। भय निवारिणी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

इस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ताइस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ता

0 Comments 12:50 pm

 इस माटी की शान बढाएँ  जलाकर स्वदेशी सुगंधित गुलाल लगाएँ पतंग उड़ाकर स्वदेशी स्वाभिमान का तिरंगा फहराएँ आओ! स्वदेशी अपनाएँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें