Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Jainendra

मुंह का निवाला – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मुंह का निवाला – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:11 pm

मुंह का निवाला गरीबों को दुनिया में, सिर पर छत नहीं, हमेशा अभाव में ही कटता जीवन है। थक जाती[...]

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S K punam

विशुद्ध हो सटता – एस.के.पूनमविशुद्ध हो सटता – एस.के.पूनम

0 Comments 9:10 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण (विशुद्ध हो सटता) घर-बार छोड़ कर, करते हैं योग ध्यान, बिछा हुआ भ्रम जाल,काटे नहीं कटता। आदान-प्रदान[...]

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S K punam

करती हूँ बंदगी – एस.के.पूनमकरती हूँ बंदगी – एस.के.पूनम

0 Comments 8:37 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण (करती हूँ बंदगी) तरसती है निगाहें, भरती हैं नित्य आहें, भूखे पेट तड़पती,मजबूर जिन्दगी। भाग्य से निवाला[...]

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जब से आई गरमी – मीरा सिंह “मीरा”जब से आई गरमी – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 4:15 pm

सूरज बाबा ने हद कर दी सुबह सवेरे आते जल्दी। सूनी सूनी सड़कें गलियाँ दुबके बैठे बच्चे घर जी। आंख[...]

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Jainendra

मौसम का असर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम का असर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:14 pm

रात दिन में भी ज्यादा- पड़ता है फर्क नहीं, ज़ालिम मौसम देखो, ढा रहा कहर है। जैसे -जैसे दिन ढले,[...]

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S K punam

संसार करे सम्मान – एस.के.पूनमसंसार करे सम्मान – एस.के.पूनम

0 Comments 2:39 pm

भूखी प्यासी चल रही, साँवली सलोनी नारी, ठौर न ठिकाना कहीं,आशियाना आसमान। जननी पुकारे कोई, नभ तले मिली सोई, अपना[...]

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Nitu Rani

मेरी कलम बहुत छोटी – नीतू रानीमेरी कलम बहुत छोटी – नीतू रानी

0 Comments 2:37 pm

मेरी कलम बहुत छोटी लिखती है छोटी और मोटी, रूकने का कभी नाम नहीं लेती अंग्रेजी, हिंदी सबकुछ लिखती। कभी[...]

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Nitu Rani

विश्व महावारी स्वच्छता दिवस – नीतू रानीविश्व महावारी स्वच्छता दिवस – नीतू रानी

0 Comments 8:10 am

मेरे स्कूल के बच्चे दिल के बड़े हैं सच्चे। सभी बच्चियाँ मिलकर खेल रही है खेल, कभी अलग हो जाती[...]

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S K punam

मनहरण – एस.के.पूनममनहरण – एस.के.पूनम

0 Comments 8:02 am

क्षितिज पार से आए, क्षितिज पार को जाए, मध्य काल तप्त कर,गोधूलि अस्त रहे। प्रातःकाल मुसकाय, दोपहर झुलसाय, तप कर[...]

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