Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Ashmaja Priyadarshini

मुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनीमुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनी

1 Comment 8:59 pm

निराश ह्रदय कुंठित काया को हर्षित करे खिल जाता जीवन बगिया अनूप । मिल जाती खुशियाँ अपार न होता विषम[...]

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Jaykrishna

सुबह-शाम लिख दिया- जयकृष्णा पासवानसुबह-शाम लिख दिया- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:36 pm

मैं जमीं हूं तो वो, आसमां है मेरा । हर फिजाओं की रवानी पर, नाम लिख दिया।। इत्र बनके खुशबू[...]

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Amarnath Trivedi

सर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदीसर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:03 pm

इन सर्दियों में ,गरीबों की रौनक रसहीन हो जाती है । सर्द थपेड़ों से जीना मुहाल हो जाती है ।[...]

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Jaykrishna

घरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवानघरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवान

0 Comments 9:01 pm

कत्ह जतन स पाललकै पोसलकैय । पढ़ाय लिखाय करि जमीनों गमैलकैय ।। घर बसाय क बाबू करैय छौ किचकिचो ।[...]

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Amarnath Trivedi

जीवन मूल्य- अमरनाथ त्रिवेदीजीवन मूल्य- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:22 pm

संसार यदि बदलना हो तो , पहले हमें बदलना होगा । छल -प्रपंच सहित मनुज को , जीवन मूल्य बदलना[...]

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Jaykrishna

प्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवानप्रतीक्षा-जय कृष्णा पासवान

0 Comments 8:18 pm

आंखों की रोशनी भी, जुगनू बन-कर देखता रहा । समंदर से मोती भी गोता लगाकर निकालता रहा ।। कोई फरियाद[...]

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sanjay kumar DEO

विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार

0 Comments 8:25 pm

ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]

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Jainendra

शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:06 pm

सूरज दादा शांत पड़े हैं जाड़े ऋतु से डरकर, सीना तान खड़ा हुआ शरद्ऋतु जब तनकर। चाय-कॉफी सबका मन भाए,[...]

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