मैं हूँ हिन्दी भाषा, यही है मेरी परिभाषा, मैं सबके मुख पर रहती, मैं हूँ मातृभाषा मैं हूँ हिन्दी भाषा।[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
हिंदी मधुरिम सरगम है -एम० एस० हुसैनहिंदी मधुरिम सरगम है -एम० एस० हुसैन
भाषा की डोरी थामकर चलना सिखाया हिंदी ने भेदभाव को भूलकर है सबको अपनाया हिंदी ने अपनी मधुरता में है[...]
हिंदी दिवस – नीतू रानीहिंदी दिवस – नीतू रानी
✍️हिंदी हृदय की वाणी है बचपन में मैंने सुनी अपनी नानी से, हिंदी में नयी कहानी है । भाषा की[...]
मेरी मां का प्यारमेरी मां का प्यार
प्रेम वात्सल्य की मिशाल, मेरी मां है सबसे कमाल, मुझे गर्व है कि मैं हूं उनका लाल, ममता की प्रतिमूर्ति[...]
होली-गिरिधर कुमारहोली-गिरिधर कुमार
होली आई है सच में फिर अबकी बार, फिर सजायेंगे हम रंगों की बारात, खुद के कूचे से बनायेंगे, रंगों[...]
लता- गिरिधर कुमारलता- गिरिधर कुमार
वह जो सुरों का साज था, वह जो सुरों की आत्मा थी, जहां बसती थीं भावनाएं, हंसता,रोता था हर कोई,[...]
एक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमारएक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमार
जिनसे सीखे सपने बुनने जिनसे गुनगुनाना सीखा, अलविदा लता आपसे हमने जिंदगी को आजमाना सीखा। सीखा हमने मुहब्बत की लौ[...]
एक कविता,स्वयं के लिएएक कविता,स्वयं के लिए
एक कविता,स्वयं के लिए कुछ सच बताऊं,इससे पहले एक शपथ लेता हूँ आपसे, आप इसे भूलेंगे नहीं, मेरे साथ मेरे[...]
एक कविता, बच्चों के लिएएक कविता, बच्चों के लिए
एक कविता, बच्चों के लिए मेरे बच्चों! आज जरूरी नहीं है बहुत की मैं तुम्हारे प्रति नई शपथ लूँ इस[...]
लक्ष्य के ही गिर्द-गिरिधर कुमारलक्ष्य के ही गिर्द-गिरिधर कुमार
तो क्या हुआ? जो हार गया मैं! अब भी मैं यहीं खड़ा हूँ, पूरे दम खम से, यहीं, यहीं, लक्ष्य[...]
