भक्त खड़ा तेरे द्वार, सुन लो मात पुकार।। नज़रिया फेर कर मातु, कर दो तुम उद्धार। रचे हम क्या दो बतला, शब्दों को दो- चार। वर्णन तेरी कर सकूॅं, लेखन…
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सरस्वती वंदना – भवानंद सिंह
माॅं शारदे की पूजा अर्चना कर लो मन से आप, मिले आशीष माॅं का उनको पूरा हो सब काज। हम अज्ञानी बालक माता दीन, दया के पात्र, करो कृपा…
ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमार
हे माँ शारदे, वीणावादिनी माँ, ज्ञान की देवी, ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ, मैं हूंँ तुच्छ अज्ञानी, मुझे ज्ञान का मार्ग दिखा दे माँ! हे माँ हंसवाहिनी, अंधकार निवारणी,…
सरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदी
कर दे निहाल माता, मेरे सपनों को जगा दे। जैसी हो तेरी मर्जी, माँ अपनी शरण लगा ले। करता हूँ तेरा वंदन, तेरा स्नेह चाहता हूँ। अब तक तुझसे जो मिला है, उसमें कुछ और तू बढ़ा…
वीणा की झंकार – रत्ना प्रिया
प्रकृति के मनोहर आँगन में, वसंत की बहार है, वागेश्वरी के वीणा की, गूँजती झंकार है। श्वेत पद्म व श्वेत वस्त्र हैं, श्वेत वाहन धारती, नीर-क्षीर-विवेक प्राप्त जो सदभक्तों को…
सरस्वती वंदना- रूचिका
हे वीणावादिनी! देवी सरस्वती, हमें कष्टों से उबार दें। मूढ़मति हम संतान तुम्हारे, हमें ज्ञान का उपहार दे। अज्ञानता का अंधकार छाया, राह हमको समझ न आया हे वीणापाणि शारदे…
सरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरव
वीणा वादिनी, ज्ञान की देवी, माँ शारदे, करूँ मैं अर्पण। बुद्धि, विवेक, नीति की ज्योति,तेरे चरणों में समर्पण॥ बालक बनें सुमति के धानी, माँ, दो शुभ संकल्प विचार। सत्य, धर्म,…
प्रार्थना – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
हंसवाहिनी, ज्ञानदायिनी करें धवल शुचि मन-अभिराम। आए हैं हम शरण तुम्हारी, विनय करें शुभदे निष्काम।। हाथ जोड़ माँ द्वार खड़े हैं जप-तप पूजन से अंजान। करें साधना मातु शारदे! कर…
मंगलकर्त्ता गणेश – रत्ना प्रिया
हे गजानन, विघ्नविनाशक, आप हैं मंगलकर्त्ता। हे विनायक, शुभ बुद्धिदायक, कष्ट हरो दु:खहर्त्ता।। आए हैं प्रभु, शरण तिहारी, जीवन मंगल कर दो, दुर्बुद्धि, छल का भाव, मिटा दो, मन में…
हे मुरारी! अब लाज बचाओ- विवेक कुमार
हे मुरारी! अब लाज बचाओ ये कैसी विपदा आन पड़ी, चहुंँओर अंधियारा छाया है, अपने ही बने भक्षकगण से, हे मुरारी! अब लाज बचाओ। सृष्टि की जननी का मान नहीं,…