बाल दिवस आओ बच्चों आज कराऊँ एक महापुरुष से रुबरु, वीर सपूत थे भारत के वो नाम है उनका, पंडित जवाहरलाल नेहरू। सन 1947 में जब देश हुआ आजाद जनहित…
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Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.
दिवाली-नीभा सिंह
दिवाली घर घर में खुशियां छाई खूब बटी मिठाई, जगमग जगमग दीप जलाओ आज दिवाली आई। नए-नए सब कपड़े पहने, अपने घर को खूब सजाए। रंग बिरंगी रंगोली से सबका…
दिवाली-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
दिवाली अबकी बार फिर है आई खुशियों की दिवाली, यह सबके जीवन में लाये समृद्धि, खुशहाली। मिल-जुल कर सब साथ रहें बना रहे भाई चारा, सबको पावन करती है जैसे…
दिवाली-नूतन कुमारी
दिवाली शुद्ध करके निज मन मंदिर को, लक्ष्मी गणेश का आह्वान करें, कुबेर देव दे धन और वैभव, शांत चित्त से हम ध्यान करें। आज संपूर्ण ब्रह्मांड है सुसज्जित, दीप…
शिक्षांगण सरगम-अवनीश कुमार
शिक्षांगन सरगम सुंदर मनोहर पवित्र पावन। उत्क्रमित मध्य विद्यालय अजगरवा पूरब का प्रांगण।। ये हमारा है, शिक्षांगन ये हमारा है, विद्यांगन ये हमारा है, ज्ञानांगन ये हमारा है, सर्वांगन ।।…
प्रकाश पर्व दीपावली-रीना कुमारी
प्रकाश पर्व दीपावली दीपावली का पर्व है आया, प्रकाश पर्व है यह क्रहलाया। दीया-बाती का साथ समाया, सबने दीपक घर में जलाया। आँगन दरबाजे को सजाया। दीपावली का पर्व———- झिलमिल…
तस्वीरों से झाँकते सुनहरे पल-अपराजिता कुमारी
तस्वीरों से झाँकते सुनहरे पल मुट्ठी की रेत सी फिसलती जिंदगी से उम्र के पल-पल यादों में याद बनकर रह जाते, सुनहरे पल तस्वीरों से झाँकते सुनहरे पल किस्से कहानियाँ…
करवा चौथ व्रत-प्रकाश प्रभात
करवा चौथ व्रत करती हूँ मैं उनकी पूजा, मेरे भगवान कोई और न दूजा। पति परमेश्वर से है प्यार अपार, खड़ी हूँ करके सोलह श्रृंगार। ढँक कर पूरे दैहिक परत…
बिटिया रानी-नूतन कुमारी
बिटिया रानी अति मनमोहक छवि तुम्हारी, मृदुल वाणी से लुभा रही हो, ओ मेरी बिटिया रानी, बिन बोले सबकुछ बता रही हो। तेरी किलकारी पर अपनी जान लूटा दूं, ह्रदय…
अदना सा इंसान-सैयद जाबिर हुसैन
अदना सा इंसान मै एक अदना सा इंसान दुःख दर्द में पला बढ़ा मगर माँ के आँचल की वो छाँव, स्वर्ग से भी बेहतर था। पिता की वो चाहतें, आसमाँ…