Category: Prem

Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.

Vinay

हिंदी की महिमा-विनय कुमार ओजहिंदी की महिमा-विनय कुमार ओज

0 Comments 9:56 am

हिंदी की महिमा भारत की पहचान है, भारत की है शान हिन्दी की महिमा बड़ी, हिन्दी है मेरी मान भाषा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

है शान हमारी हिन्दी-अवनीश कुमारहै शान हमारी हिन्दी-अवनीश कुमार

0 Comments 9:48 am

है शान हमारी हिंदी निज राष्ट्र के गौरव गान की शान बढ़ाती हिंदी सर्व भाषाओं की शिरोमणि है राष्ट्र भाषा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

राजभाषा का महत्व-शालिनी कुमारीराजभाषा का महत्व-शालिनी कुमारी

0 Comments 9:46 am

  राजभाषा का महत्व नौवां महीना~~ चौदह सितम्बर हिंदी दिवस… राजभाषा का~~ महत्व सिखाना है प्राथमिकता.. एकता की औ ~~[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Aprajita

मैं हिन्दी-अपराजिता कुमारीमैं हिन्दी-अपराजिता कुमारी

0 Comments 9:37 am

मैं हिंदी मैं भारत की मातृभाषा मैं जन्मी देव भाषा संस्कृत से मेरी लिपि देवनागरी 14 सितंबर 1949 को बनी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हिन्दी एक शाश्वत भाषा-प्रियंका प्रियाहिन्दी एक शाश्वत भाषा-प्रियंका प्रिया

0 Comments 9:32 am

हिंदी एक शाश्वत भाषा हिंदी है भाषा की जननी, है इसका महत्व अग्रणी। हमारे जीवन नैया की यह है कर्णधार,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dr. Anupama

सुन गोरैया-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवसुन गोरैया-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव

0 Comments 9:45 am

सुन गोरैया  सुन “गोरैया”! तेरे जैसी मैं भी एक चिड़ियाँ होती जब जी करता उड़ते-उड़ते सैर जहान का कर आती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आओ प्यारे बच्चों आओ-रानी कुमारीआओ प्यारे बच्चों आओ-रानी कुमारी

0 Comments 4:02 pm

आओ प्यारे बच्चों आओ हँसते-गाते, झूमते आओ आओ प्यारे बच्चों आओ। आओ इन पौधों से मैं बात करा दूँ, फूलों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Rajesh

TOB का नवयौवन-राजेश कुमार सिंहTOB का नवयौवन-राजेश कुमार सिंह

0 Comments 7:10 pm

TOB का नवयौवन इतनी छोटी-सी उम्र में ही आप महान् हैं। कोई हीरा होगा, आप कोहिनूर समान हैं।। आप युवा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बचपन-राकेश कुमार रंजनबचपन-राकेश कुमार रंजन

0 Comments 9:15 am

बचपन न जाने क्यों अब यादें आती है बचपन की। वो मीठे-मधुर संबंध बालसखा की वो कहानी किस्से सुनना दादी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें