राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक

राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए। कौआ चील गिद्ध मोर, पक्षियों के भाए शोर,…

दोहे – राम किशोर पाठक

दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत। सरल साधना संग सह, सहज सुलभ सब संत।। शुभद शिवाला…

कैसे समझोगे तुम – बैकुंठ बिहारी

कैसे समझोगे तुम कैसे समझोगे तुम समय को, जिसने लोगों को जीना सिखाया। कैसे समझोगे तुम स्वजन को,  जिसने तुम्हारा मान बढ़ाया। कैसे समझोगे तुम परिजन को,  जिसने तुम्हारा अपमान…

ठंडा – नीतू रानी

ठंडा का महीना  थर- थर कांँपै सब लोग, कोना केअ बनाएब खाना  कि खायत बच्चा मोर। मन नै करैयेअ हम बिछना सेअ निकली  ठंडा पैन सेअ हम बर्तन धोबी, ठंडा…

आँसू और खामोशी – नीतू रानी

आँसू और खामोशी सिर्फ महिलाओं में हीं होती, ये दोनों लेकर महिला  दिन- रात हैं रोती। आँसू और खामोशी  महिलाओं को सोने नहीं देती,  ये दोनों को सिर पर लेकर…

धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

है कोटि-कोटि धन्यवाद  ऐ टीचर्स ऑफ बिहार  तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार  रचनाएं दब सी जाती थी होता न था प्रचार प्रसार  लिखना शुरू मैंने किया  तुने…

आओ नववर्ष मनायें – मनु रमन

आओ नववर्ष मनायें। खुशियों के फूल खिलाएं। नयी उम्मीदें नयी उमंगों के साथ , नित्य नया कुछ कर जायें। नये सपनों को देखें, उसे सही आकार दें। नीले- नीले आसमान…