Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

SUMAN SOURABH

सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभसावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ

0 Comments 10:19 pm

सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ सावित्रीबाई फुले,  एक नाम है गर्व का, सावित्रीबाई फुले, एक नाम है फक्र का, महिला[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
RAMPAL SINGH ANJAN

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 10:11 pm

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
BAIKUNTH BIHARI

स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारीस्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 10:04 pm

स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी स्वास्थ्य का ध्यान रखिए, यह प्रकृति की अनुपम भेट है। उत्तम स्वास्थ्य ऊर्जा प्रदान करता है,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu Raman Chetna

उमर हमर नौनिहाल यौ‌ – मनु कुमारीउमर हमर नौनिहाल यौ‌ – मनु कुमारी

0 Comments 9:57 pm

उमर हमर नौनिहाल यौ‌ – मनु कुमारी बाबूजी कियै करैछी हमर बाल विवाह यौ। उमर हमर नौनिहाल यौ ना।। ई[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

बाल-विवाह – रत्ना प्रियाबाल-विवाह – रत्ना प्रिया

0 Comments 9:50 pm

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Janindra Prasad Ravi

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:42 pm

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ मनहरण घनाक्षरी छंद जाड़े में जो कुहासे से बढ़ जाती ठंड जब, अत्यधिक[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

पहले स्वास्थ्य मायने रखता – मनु कुमारीपहले स्वास्थ्य मायने रखता – मनु कुमारी

0 Comments 7:01 pm

मैडम जी! मैडम जी! कब खुलेगा हमारा प्यारा यह स्कूल ? हम बच्चों के बिना आप विद्यालय आतीं हैं ,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

घर की कलियाँ- राम किशोर पाठकघर की कलियाँ- राम किशोर पाठक

0 Comments 6:54 pm

घर के उपवन की कलियों को। नेह लुटाती उन डलियों को।। ठीक नही ऐसे बिसराना। करके खाली चित गलियों को।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें