Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Nitu Rani

डायरिया से डर नही-नीतू रानीडायरिया से डर नही-नीतू रानी

0 Comments 11:09 pm

डायरिया से डर नही,  अब डायरिया से कोई जाएगा मर नही। डायरिया का मतलब स्वच्छ और साफ, कभी न आएगा[...]

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मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल मानव अब मानव न रहा- मोहम्मद आसिफ इकबाल 

0 Comments 11:04 pm

मानव अब मानव न रहा, ये विकराल रूप दानव का है। जानवर ने जो छोड़ दिया वही काम अब मानव[...]

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वही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमारवही है भारत देश हमारा-सत्यम कुमार

0 Comments 7:54 am

जहाँ महात्मा गांँधी का महात्म्य  जहाँ वीर भगत ने रचा शौर्य का इतिहास, जहाँ बहती है गंगा की निर्मल धारा [...]

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तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी 

0 Comments 10:39 pm

सारी नाउम्मीदी, उलझनों, चिंताओं को किनारे रखकर,  एक बार उठो तो सही!       पता है कि रास्ते में[...]

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Ram Kishore Pathak

फाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठकफाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठक

0 Comments 11:02 pm

बजाते हैं सब देखो ढोल। फाग क्या होती अम्मा बोल।। सभी जो करते हैं हुड़दंग। तभी तो जो जाता हूँ[...]

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बसंत की बहार- मुन्नी कुमारीबसंत की बहार- मुन्नी कुमारी

0 Comments 10:58 pm

बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे[...]

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Ram Kishore Pathak

पैगाम – राम किशोर पाठकपैगाम – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:46 pm

दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 10:42 pm

भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ,[...]

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