“संस्कारों का संगम” संयुक्त कुल की छाया में, बचपन बुनता स्वप्न सुनहरे। दादी की गाथा, दादा की सीख, संस्कार बिखरें प्रेम मनहरे। चाचा की डाँट, चाची का स्नेह, सब मिलकर…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
ज्ञान दीप जलता जहाँ – दोहावली “””””””‘”””‘””””””””””””””””””’””””””””””””””””’””””””” विद्यालय के छात्र को, नित्य दीजिए ज्ञान। पावन शुचिता ज्ञान ही, जीवन का उत्थान।।०१।। विद्यालय के पास से, करें गंदगी दूर। बच्चों के…
लक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
लक्ष्य की प्राप्ति लक्ष्य तेरे बहुत बड़े हों, यह नहीं कोई जरूरी। हर बात में कोई साथ दे, यह नहीं उसकी मजबूरी। लक्ष्य जितना ही बड़ा हो, पुरुषार्थ भी उतना…
सुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठक
सुनो बेटियों – हिंदी गजल शस्त्र ले हाथ में अब अड़ो बेटियों। युद्ध तुम कालिका- सी लड़ो बेटियों।। आज तक लोग अबला समझते रहे। बोध तुम शौर्य का अब भरो…
जहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदी
जहाँ चाह वहाँ राह हमारी जिंदगी जीने की करें तैयारी , जहाँ चाह वहाँ राह हमारी । पर मनमानी करें यदि हम , तो छीन जाएँगी खुशियाँ सारी । मन…
भारत के वीर सपूत – अमरनाथ त्रिवेदी
हम भारत के वीर सपूत अभी हम सब नन्हें बच्चे , सोच बड़ा कर पाएँगे। आगे चलकर हम भारत के सच्चे वीर सपूत कहलाएँगे। नए नए हम काम करेंगे ,…
मंजिल हीं एक ठिकाना है – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मंजिल ही एक ठिकाना है मंजिल तक हमको जाना है चलना तो एक बहाना है, मंजिल ही एक ठिकाना है। पैरों के छाले मत देखो, मंजिल तक हमको जाना है।…
सफल बनो- मनमोहन छंद – राम किशोर पाठक
सफल बनो- मनमोहन छंद प्यारे बच्चों, बनो सफल, श्रम से होते, सभी सबल, रुकों नहीं तुम, चलो निकल, श्रेष्ठ सीख का, करो अमल। बनना तुमको, वीर प्रवर, रोके कोई, नहीं…
कर्तव्य बिना अधिकार नहीं – अमरनाथ त्रिवेदी
कर्त्तव्य बिना अधिकार नहीं कर्त्तव्य बिना अधिकार नहीं , इस जीव जगत के पार नहीं। यह जीवन की ऐसी थाती है, कभी इसके बिना स्वीकार नहीं । परिस्थितियां चाहे जैसी हों ,…
पर्यावरण संरक्षण – मनु कुमारी
पर्यावरण संरक्षण भाईयों वृक्ष लगाना, बहनों वृक्ष लगाना। पर्यावरण सुरक्षा में सब मिलकर हाथ बढ़ाना ।। भाईयों वृक्ष लगाना, बहनों वृक्ष लगाना.. जल पर हीं है जीवन सारा,जल को रोज…