मोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरव

मोबाइल आया संग में मिली सुविधा, बढ़ती गई इस विचित्रता की दुविधा। ज्ञान-विज्ञान का खोल के पिटारा, छीन लिया हमसे अपनों का सहारा। सुबह उठें तो स्क्रीन की तलाश, रात…

प्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरव

प्रगति तुम बढ़े चलो, नयन स्वप्न गढ़े चलो, अंधेरे हटा के तुम, नयी भोर गढ़े चलो। धरा से गगन तलक, पताका चढ़े चलो, प्रगति तुम बढ़े चलो, प्रगति तुम गढ़े…

वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव

वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे स्वर गान, वन देते सबको वरदान। फल-फूलों की यह सौगात,…

मोबाईल की लत – नीतू रानी

मोबाईल की लत, लोग रहते मोबाईल में व्यस्त। मोबाईल की लत, बड़ा जबरदस्त। जबसे लिया मोबाईल, लाया नया स्माइल। मोबाईल आया हाथ, छूट गया सबका साथ। मोबाईल का हुआ अवतार,…

राष्ट्रीय भेषज विज्ञान शिक्षा दिवस- राम किशोर पाठक

शिक्षा कृत संकल्प लें, चिकित्सा सा विकल्प लें, औषधि ज्ञान हित में, दिवस मनाइए। रोग मुक्ति बोध पले, शुचिता के भाव तले, जन मन स्वस्थ मिले, ज्ञान को बढ़ाइए। औषधी…

चंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठक

भारत है वीरों की धरती, आओं मिलें आजाद से। अंग्रेज सदा काँपा करते, जिनके हीं शंखनाद से। ब्राह्मण कुल का ऐसा बाँका, डर पाया न परिवाद से। न्यायाधीश अचंभित-सा था,…