Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

ram किशोर

चंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठकचंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठक

0 Comments 3:18 pm

भारत है वीरों की धरती, आओं मिलें आजाद से। अंग्रेज सदा काँपा करते, जिनके हीं शंखनाद से। ब्राह्मण कुल का[...]

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Suresh Kumar gaurav

गुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरवगुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:47 am

ज्ञान दीप की ज्योति जलाकर, तम को दूर भगाते हैं, शिक्षा के उजियारे पथ पर, जीवन को सिखलाते हैं। अंधकार[...]

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ram किशोर

राष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठकराष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:39 am

सदा शक्ति की सूचक नारी सृष्टि आधार है कहलायी। आओं नमन करें हम उनको जो भी यादों में बस पायी।[...]

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ram किशोर

संत शिरोमणि रविदास – रामकिशोर पाठकसंत शिरोमणि रविदास – रामकिशोर पाठक

0 Comments 10:35 pm

माघ मास की पूर्णिमा, दिन था वो रविवार। रविदास था नाम पड़ा, काशी में अवतार।। कलसा गर्भ से जन्में, पिता[...]

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Amarnath Trivedi

मन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदीमन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 6:04 pm

जीवन खुशियों से जब भरता, मन करता मैं भी कुछ गाऊँ। जब शीतल मंद सुगंध हवा हो, खुशियों के संग[...]

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Suresh Kumar gaurav

अनुशासन जीवन की पहचान – सुरेश कुमार गौरवअनुशासन जीवन की पहचान – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:45 am

अनुशासन जो जीवन में लाए, हर मुश्किल में जीत वो पाए। जो भी समय का मान करेगा, सपनों को वह[...]

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ram किशोर

अपना सूरज – रामकिशोर पाठकअपना सूरज – रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:21 pm

विशाल आकाशीय पिंड जो, अपना प्रकाश फैलाता है। हम उसको हैं कहते तारे, नभ में सदा टिमटिमाता है। उनमें से[...]

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Suresh Kumar gaurav

ब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरवब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 4:44 pm

सूरज ज्योति का है आगार उजियारे का सौम्य नगर। किरणें इसकी छू लें धरती, हरियाली भर जाए घर।। नीला नभ[...]

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ram किशोर

कुपोषण – रामकिशोर पाठककुपोषण – रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:02 pm

शरीर का समुचित विकास हो कर सकें काम आसानी से। इसके लिए ऊर्जा चाहिए जो मिलता खाना पानी से।। भोजन[...]

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Suresh Kumar gaurav

वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:58 am

पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]

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