भारत है वीरों की धरती, आओं मिलें आजाद से। अंग्रेज सदा काँपा करते, जिनके हीं शंखनाद से। ब्राह्मण कुल का[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
गुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरवगुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरव
ज्ञान दीप की ज्योति जलाकर, तम को दूर भगाते हैं, शिक्षा के उजियारे पथ पर, जीवन को सिखलाते हैं। अंधकार[...]
राष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठकराष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठक
सदा शक्ति की सूचक नारी सृष्टि आधार है कहलायी। आओं नमन करें हम उनको जो भी यादों में बस पायी।[...]
संत शिरोमणि रविदास – रामकिशोर पाठकसंत शिरोमणि रविदास – रामकिशोर पाठक
माघ मास की पूर्णिमा, दिन था वो रविवार। रविदास था नाम पड़ा, काशी में अवतार।। कलसा गर्भ से जन्में, पिता[...]
मन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदीमन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन खुशियों से जब भरता, मन करता मैं भी कुछ गाऊँ। जब शीतल मंद सुगंध हवा हो, खुशियों के संग[...]
अनुशासन जीवन की पहचान – सुरेश कुमार गौरवअनुशासन जीवन की पहचान – सुरेश कुमार गौरव
अनुशासन जो जीवन में लाए, हर मुश्किल में जीत वो पाए। जो भी समय का मान करेगा, सपनों को वह[...]
अपना सूरज – रामकिशोर पाठकअपना सूरज – रामकिशोर पाठक
विशाल आकाशीय पिंड जो, अपना प्रकाश फैलाता है। हम उसको हैं कहते तारे, नभ में सदा टिमटिमाता है। उनमें से[...]
ब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरवब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरव
सूरज ज्योति का है आगार उजियारे का सौम्य नगर। किरणें इसकी छू लें धरती, हरियाली भर जाए घर।। नीला नभ[...]
कुपोषण – रामकिशोर पाठककुपोषण – रामकिशोर पाठक
शरीर का समुचित विकास हो कर सकें काम आसानी से। इसके लिए ऊर्जा चाहिए जो मिलता खाना पानी से।। भोजन[...]
वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव
पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]
