सोशल मीडिया रूप संचार का बदल रहा, बदला अब सारा समाज है। अंतरजाल सभी अपनाएँ, बदला सबका काम-काज है।। खुलकर[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
प्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठकप्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठक
प्रकाश संश्लेषण – दोहें जिज्ञासा बच्चे लिए, गुरुवर करें निदान। कैसे भोजन पेड़ में, बनता है श्रीमान।।०१।। कैसे पोषण पा[...]
जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठकजगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक
जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल[...]
सारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदीसारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदी
सारे जग में नाम होगा उसी का सारे जग में नाम होगा उसी का , जिसके कर्मों से भाग्य जुड़ेगा[...]
विद्यालय और सामाजिक बदलाव – राम किशोर पाठकविद्यालय और सामाजिक बदलाव – राम किशोर पाठक
विद्यालय और सामाजिक बदलाव शिक्षा समाज का किस्सा है। विद्यालय इसका हिस्सा है।। विविध रूप जो बोल रहे हैं। स्व[...]
नशा मिटाएँ- योग छंद – राम किशोर पाठकनशा मिटाएँ- योग छंद – राम किशोर पाठक
नशा मिटाएँ- योग छंद हालत अपनी हरपल, हमें बताएँ। आदत कोई भी हो, नहीं लगाएँ।। हो चाहे कैसी भी, उसे[...]
आओ कर लें योग – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठकआओ कर लें योग – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक
आओ कर लें योग – सरसी छंद गीत जीवन है अनमोल मनुज का, मिले विविध संयोग। रहना है नीरोग हमें[...]
शब्द भेद को जानें – राम किशोर पाठकशब्द भेद को जानें – राम किशोर पाठक
शब्द-भेद को जानें देववाणी सुता है हिंदी। भारत माता की है बिंदी।। आओ इसका रूप निहारे। बहती जिसमें भाव हमारे।।[...]
शब्द भेद की व्यापकता – अमरनाथ त्रिवेदीशब्द भेद की व्यापकता – अमरनाथ त्रिवेदी
शब्द भेद की व्यापकता अक्षर- अक्षर से बनते शब्द , मैं उस शब्द के भेद बताने आया हूँ । उस[...]
शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद – राम किशोर पाठकशब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद – राम किशोर पाठक
शब्दों के हैं रूप निराले – चौपाई छंद यूँ जो ध्वनियाँ बोली जाती। भावों को अपने बतलाती।। वर्णों से जो[...]
