Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

ram किशोर

दीपोत्सव हमें मनाना है – रामकिशोर पाठकदीपोत्सव हमें मनाना है – रामकिशोर पाठक

0 Comments 2:52 pm

  हर तरफ घोर अँधियारा है, एक दीप हमें जलाना है। आज रात दिवाली की, दीपोत्सव हमें मनाना है। घर[...]

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आओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शीआओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 12:04 pm

  आओ सब मिल दीप जलाएँ नाचें- गाएँ खुशी मनाएँ। मन के भीतर का अँधियारा, भव भय भ्रम सब दूर[...]

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Amarnath Trivedi

पावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदीपावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:47 am

पावन शरद ऋतु की बहुत बड़ाई , सबके चित्त  नित  परम  सुहाई । आश्विन, कार्तिक होते अति  पावन, दिल  को [...]

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उम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरवउम्मीद के दीए- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:35 am

नित मन की अमराईयों में, मन की बातें बोलती हैं, नीरस से सरस जीवन के, मिश्रित पीयूष रस घोलती हैं।[...]

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Bhola

सूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मासूरज बाबा – भोला प्रसाद शर्मा

0 Comments 11:13 am

  सूरज बाबा, ओ सूरज बाबा, तुमसे रोशन है जग सारा। सुबह-सवेरे तुम मुस्काओ, धरती को तुम खूब सजाओ। सूरज[...]

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Amarnath Trivedi

दीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीदीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:48 pm

मिलकर  ऐसे  दीप   सजाएँ, हर कोने  के  तम  को  हर  लें। सब  मिलकर  ऐसे   दीप जलाएँ, हर  खुशियों  को [...]

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Amarnath Trivedi

मानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदीमानव है वही जो- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 1:23 pm

मानव  है वही जो , मानव के काम आए। इंसानियत उसी में, जो शराफत से पेश आए।। खतरे बहुत अधिक[...]

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ram किशोर

अभियान गीत- रामकिशोर पाठकअभियान गीत- रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:16 am

  छोटे बड़े का भेद रहे न, हम सबको गले लगाएँगे। बच्चे बूढ़े जवान साथ में, हम शिक्षित सबको बनाएँगे।।[...]

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Amarnath Trivedi

अदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदीअदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:22 am

यह जीवन क्या है ? जहाँ संवेदनाओं के तार जुड़ते हैं, अपने कहाने वाले भी मुड़ते हैं। मनुष्य कभी अपनों[...]

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Amarnath Trivedi

अदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदीअदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:25 am

कोई तो चलानेवाला होता है यह जीवन क्या है ? जहाँ संवेदनाओं के तार जुड़ते हैं, अपने कहाने वाले भी[...]

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