वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
आम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद – राम किशोर पाठकआम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद – राम किशोर पाठक
आम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद आज आदमी आम हो गया, नहीं रहा कुछ खास। बदल रहे अंदाज सभी[...]
मोबाईल की लत – नीतू रानीमोबाईल की लत – नीतू रानी
मोबाईल की लत, लोग रहते मोबाईल में व्यस्त। मोबाईल की लत, बड़ा जबरदस्त। जबसे लिया मोबाईल, लाया नया स्माइल। मोबाईल[...]
जभी जागो तभी सवेरा – नीतू रानीजभी जागो तभी सवेरा – नीतू रानी
जभी जागो तभी सवेरा, जड़ से मिटेगा जीवन का अंधेरा। जब खुलती है अंदर की बुद्धि, कभी नहीं होते मंदबुद्धि।[...]
राष्ट्रीय भेषज विज्ञान शिक्षा दिवस- राम किशोर पाठकराष्ट्रीय भेषज विज्ञान शिक्षा दिवस- राम किशोर पाठक
शिक्षा कृत संकल्प लें, चिकित्सा सा विकल्प लें, औषधि ज्ञान हित में, दिवस मनाइए। रोग मुक्ति बोध पले, शुचिता के[...]
चंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठकचंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठक
भारत है वीरों की धरती, आओं मिलें आजाद से। अंग्रेज सदा काँपा करते, जिनके हीं शंखनाद से। ब्राह्मण कुल का[...]
गुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरवगुरु का गौरव- सुरेश कुमार गौरव
ज्ञान दीप की ज्योति जलाकर, तम को दूर भगाते हैं, शिक्षा के उजियारे पथ पर, जीवन को सिखलाते हैं। अंधकार[...]
राष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठकराष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठक
सदा शक्ति की सूचक नारी सृष्टि आधार है कहलायी। आओं नमन करें हम उनको जो भी यादों में बस पायी।[...]
संत शिरोमणि रविदास – रामकिशोर पाठकसंत शिरोमणि रविदास – रामकिशोर पाठक
माघ मास की पूर्णिमा, दिन था वो रविवार। रविदास था नाम पड़ा, काशी में अवतार।। कलसा गर्भ से जन्में, पिता[...]
मन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदीमन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन खुशियों से जब भरता, मन करता मैं भी कुछ गाऊँ। जब शीतल मंद सुगंध हवा हो, खुशियों के संग[...]
