Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Amarnath Trivedi

सदाचार कुछ बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदीसदाचार कुछ बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:25 pm

  सदाचार  कुछ बचपन  के  होते, इसे अपनाकर हम अवगुण खोते। माता-पिता के कुछ  सपने होते, उसे पाने पर सब[...]

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Amarnath Trivedi

बदलते गाँव की सूरत – अमरनाथ त्रिवेदीबदलते गाँव की सूरत – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:24 am

भारत  के गाँव अब सूने लगने लगे हैं । धड़ाधड़ दरवाजे पर ताले लटकने लगे हैं।। बच्चों की मस्ती है[...]

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Suresh Kumar gaurav

नई राह गढ़ें भारत की – सुरेश कुमार गौरवनई राह गढ़ें भारत की – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:51 am

  आओ बच्चों अब चलें स्कूल, नहीं करें अब कोई भी भूल। शिक्षा है सबके लिए जरूरी, अशिक्षा है बिल्कुल[...]

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Amarnath Trivedi

मानव जीवन के निहितार्थ – अमरनाथ त्रिवेदीमानव जीवन के निहितार्थ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 12:34 pm

माटी का  यह   बना  खिलौना, एक दिन माटी में मिल जाएगा। कोई नहीं  होगा हम  सबके संग, केवल धर्म-अधर्म  साथ [...]

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Suresh Kumar gaurav

शिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरवशिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:19 pm

  शिक्षा है संकल्प हमारा, ज्ञान का दीप जलाना है। अज्ञान तिमिर को हराकर नई राह दिखलाना है। शब्दों का[...]

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दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:38 am

  मन में सोच-विचार कर, करिए नव संकल्प। जीवन में सद्भावना, कभी नहीं हो अल्प। दान-पुण्य की भावना, हो जीवन[...]

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Amarnath Trivedi

इंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदीइंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:58 am

इंसानियत की शान इंसान की जान पर ही, यह  सारा  चमन जहान है। इंसानियत के शान पर ही , यह सकल [...]

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Amarnath Trivedi

सूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदीसूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:10 am

सूरज दादा   सूरज दादा, तुम प्रकाश फैलाते हो। गर्मी में तुम बड़े सवेरे आते, जाड़े  में  क्यों इतनी  देर  लगाते[...]

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माँ बिना जहाँ भी कुछ नहीं – अवनीश कुमारमाँ बिना जहाँ भी कुछ नहीं – अवनीश कुमार

0 Comments 6:02 pm

  माँ तेरा वो दुलारना तेरा वो पुचकारना तेरा वो लोरी सुनाना तेरा वो घिस-घिस बर्तन माँजना उससे निकले मधुर[...]

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Amarnath Trivedi

शिक्षा की ज्योति जलाने वाले- अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा की ज्योति जलाने वाले- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:40 pm

साथ मिलकर चलें, हम मिलकर रहें, एक  दिन मंजिल हमें जरूर मिल जाएगी। साथ मिलने और चलने से  ताकत  बढ़े,[...]

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