माटी का यह बना खिलौना, एक दिन माटी में मिल जाएगा। कोई नहीं होगा हम सबके संग, केवल धर्म-अधर्म साथ [...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
शिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरवशिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरव
शिक्षा है संकल्प हमारा, ज्ञान का दीप जलाना है। अज्ञान तिमिर को हराकर नई राह दिखलाना है। शब्दों का[...]
दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
मन में सोच-विचार कर, करिए नव संकल्प। जीवन में सद्भावना, कभी नहीं हो अल्प। दान-पुण्य की भावना, हो जीवन[...]
इंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदीइंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदी
इंसानियत की शान इंसान की जान पर ही, यह सारा चमन जहान है। इंसानियत के शान पर ही , यह सकल [...]
सूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदीसूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदी
सूरज दादा सूरज दादा, तुम प्रकाश फैलाते हो। गर्मी में तुम बड़े सवेरे आते, जाड़े में क्यों इतनी देर लगाते[...]
माँ बिना जहाँ भी कुछ नहीं – अवनीश कुमारमाँ बिना जहाँ भी कुछ नहीं – अवनीश कुमार
माँ तेरा वो दुलारना तेरा वो पुचकारना तेरा वो लोरी सुनाना तेरा वो घिस-घिस बर्तन माँजना उससे निकले मधुर[...]
शिक्षा की ज्योति जलाने वाले- अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा की ज्योति जलाने वाले- अमरनाथ त्रिवेदी
साथ मिलकर चलें, हम मिलकर रहें, एक दिन मंजिल हमें जरूर मिल जाएगी। साथ मिलने और चलने से ताकत बढ़े,[...]
माटी का दीया – सुरेश कुमार गौरवमाटी का दीया – सुरेश कुमार गौरव
माटी का एक दीया टिमटिमा रहा था अज्ञान उसे घूर रहा था मीठी बयार दीया को बुझाने की सोच[...]
शिक्षा की ज्योति जलाने वाले- अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा की ज्योति जलाने वाले- अमरनाथ त्रिवेदी
साथ मिलकर चलें, हम मिलकर रहें, एक दिन मंजिल हमें जरूर मिल जाएगी। साथ मिलने और चलने से ताकत बढ़े,[...]
स्वच्छता हमारा मूलमंत्र – अमरनाथ त्रिवेदीस्वच्छता हमारा मूलमंत्र – अमरनाथ त्रिवेदी
स्वच्छता हमारा मूलमंत्र है, यह शरीर का मजबूत तंत्र है। सबसे यही अनुरोध करें हम, स्वच्छ रहने का यत्न करें[...]
