वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद धूम मचाकर बरसा आती। नभ में अपनी नाच दिखाती।। भिन्न-भिन्न वह वेश बनाती। अवनी देख जिसे इठलाती।। मन का मयूर झूम रहा है। धरती…
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बरसात – रुचिका
बरसात लो आ गयी बरसात, बदल गए हालात, गर्मी से राहत मिले, बदल गए जज़्बात। धरा की मिट गयी प्यास, किसानों के मन में जगे आस, खेतों में फसल लहलहायेगी,…
वर्षा और जीवन- अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जीवन वर्षा पर ही जीवन की , गतिविधि सारी चलती है । इसके बिना धरती भी , तवा समान ही जलती है ।। भूगर्भ जल की स्थिति भी…
जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत- राम किशोर पाठक
जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत वर्षा आती देखकर, झूम उठे हैं सारे। जल बूँदों के संग में, जीवन राह निहारे।। झुलस गयी धरती लगी, गीत नयी…
चिकित्सक का कार्य – गीतिका – राम किशोर पाठक
चिकित्सक का कार्य – गीतिका वैद्य, चिकित्सक, हकीम सारे। सबका जीवन सदा सँवारे।। रक्त, लहू, शोणित, लोहित जो। रुधिर, खून की दोष निहारे।। अस्थि, हाड़, हड्डी सब देखें। चर्म, खाल…
प्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठक
प्रकाश संश्लेषण – दोहें जिज्ञासा बच्चे लिए, गुरुवर करें निदान। कैसे भोजन पेड़ में, बनता है श्रीमान।।०१।। कैसे पोषण पा रहा, इसका कहें विधान। प्रकाश संश्लेषण किसे, कहते हैं श्रीमान।।०२।।…
जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक
जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल मूर्ति प्रतीक बने, बसे यहाँ अभिराम। श्री जगन्नाथ पूर्ण हैं,…
विद्यालय और सामाजिक बदलाव – राम किशोर पाठक
विद्यालय और सामाजिक बदलाव शिक्षा समाज का किस्सा है। विद्यालय इसका हिस्सा है।। विविध रूप जो बोल रहे हैं। स्व परिवेश को घोल रहें हैं।। विद्यालय भाव जगाता है। समता…
विद्यालय संजोती, दिव्य ज्ञान सरिता- हरिप्रिया छंद – राम किशोर पाठक
विद्यालय संजोती, दिव्य ज्ञान सरिता- हरिप्रिया छंद आओ समझें ऐसे, गढ़ें संबंध जैसे, बनता समाज वैसे, प्रकट करे ललिता। सीख परिवार देती, आस-पास की खेती, विद्यालय संजोती, दिव्य ज्ञान सरिता।…
सामाजिक बदलाव में स्कूल की भूमिका- अमरनाथ त्रिवेदी
सामाजिक बदलाव में स्कूल की भूमिका बच्चों में नूतन ज्ञान देकर , शान से हम उन्हें बढ़ाएँ । सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया में , हम उन्हें ऐसे शामिल कर पाएँ…