एक पौधा लगाऊंगा – राम बाबू राम

एक पौधा लगाऊंगा   एक पौधा लगाऊंगा, उसमें रोज पानी डालूंगा। जंगल-झाड़ काटकर, साफ-सुथरा रखूंगा, जब पौधा बड़ा हो जाए, उसके छांव में बैठूंगा। फिर झूला झूलूंगा, फल तोड़ घर…

हिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठक

हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए, हिंदी को।। हृदय भाव में फिर से भरिए, हिंदी को।…

शिक्षक तेरी सत्य कहानी – डॉ कार्तिक कुमार

शिक्षक तेरी सत्य कहानी   शिक्षक तेरी सत्य कहानी, हाथ में लेखनी आंख में पानी। जीवन  बिता विज्ञानी वाणी, सुनो अपनी सरल कहानी। पुरानी पेंशन हाथ ना आनी, बुढ़ापे मैं…

टीचर्स ऑफ बिहार- नूतन कुमारी

व्याख्या कैसे करुँ तेरा, विस्तार तेरा है सीमित नहीं। टीओबी है टीम अनूठा, उदाहरण से वर्णन किंचित नहीं।। पद्य पंकज और गद्य गुंजन से, हर रोज सजे इसकी बगियाँ। दिवस…

बिन शिक्षक वैभव अधूरा- सुरेश कुमार गौरव

शिक्षक की गोद में पलता,उत्थानों का भाव। जिसकी पीठ पकड़ कर चलता,पड़ता देश प्रभाव॥ बोए बीज वही बन जाता,वटवृक्षों का नाम। उसकी छाया में संवरता,जन-जन का अभिराम॥ काल की गति…

हम हैं टीचर्स ऑफ़ बिहार – मनु कुमारी

शिक्षा का हम दीप जलाते। अज्ञान तिमिर को दूर भगाते। नैतिकता का पाठ पढ़ाते। स्वयं का उसको बोध कराते। करते बच्चों में हर-दिन हम, नव आशाओं का संचार । हम…