शीर्षक- तिरंगा हमारी शान है। दिन -सोमवार तीन रंग का मेरा झंडा कितना सुन्दर प्यारा है, इसको वीर सपूतों ने मिलकर इसे संवारा है। देखो ऊपर लहर रहा है आसमान…
Category: Uncategorized
गणतंत्र दिवस –डॉ स्नेहलता द्विवेदी
गणतंत्र की जय । गणतंत्र में हो आस्था , सुदृढ़ हो व्यवस्था। नियमों में हो दृढ़ता , गणतंत्र की जय गणतंत्र की जय । नीतियों का शासन हो , कानूनी…
26 जनवरी -नीतू रानी
विषय -छब्बीस जनवरी। शीर्षक -सखी हम झंडा फहरेबै हे। एलै छब्बीस जनवरी केअ त्योहार, सखी हम झंडा फहरेबै हे। झंडा फहरेबै गणतंत्र दिवस मनेबै , गेबै हम जन गण मन…
गणतंत्र हमारी पहचान – आशीष अंबर
कविता : – गणतंत्र हमारी पहचान है । गणतंत्र हमारी पहचान है,भारत देश हमारा महान है । गौतम , गाँधी की धरती पे ,भारत की शान , पूरी जहान है…
मतदाता दिवस – आशीष अंबर
जागो मतदाता अब अपना कर्तव्य निर्वहन करो ,देश के भाग्य – विधाता बन अपने नेता वरण करो । लेकर शपथ अब तुमको करना है वोट,नही कोई लालच हो मन में,…
खामोशी रुचिका
खामोशी जब बोलना बेअसर होने लगे तो रास आने लगी खामोशी। खामोशी जो थी अपने में समेटे न जाने कितनी बातें कितने अरमान,कितनी चाहतें कितनी शिकायतें,कितनी मोहब्बतें। ख़ामोशी सदा ही…
एक हो हम -कार्तिक कुमार
गीत : एक हों हम, हक़ की आवाज़ यूजीसी के फैसलों ने सवाल खड़े किए, छात्रों–शिक्षकों ने सच के दीप जले किए। स्वर्ण हो या दलित, पिछड़ा आदिवासी, हक़ की…
गणतंत्र दिवस का उल्लास रामकिशोर पाठक
गणतंत्र दिवस का उल्लास- सरसी छंद गीत जब सबमें है उत्साह भरा, आ जाओ जी पास। ध्वज अपना फहराकर हम-सब, पाएँ कुछ उल्लास।। भला सभी का जिससे होता, वैसा हो…
बागेश्वरी मां -रामपाल प्रसाद सिंह
हरि गीतिका छंद बागेश्वरी माॅं श्वेतपद्ममा,ज्ञानदा या भारती। आकार सबके एक जिनकी,हम उतारे आरती।। शुभ भोर सुंदर पूर्व से ही,देव जागे हैं यहाॅं। दिनकर सजाकर रश्मियाॅं पर,संग भागे हैं यहाॅं।।…
वंदनवार सजे शारदा -रामपाल प्रसाद सिंह
वंदनवार सजे शारदा ऐसा अद्भुत भोर। क्षितिज चतुर्दिक दे रहा,ऑंधी जैसा शोर। प्रात:काली भूल कर, पूर्वज ढाड़े लोर।। कहीं भजन कीर्तन ठने,कहीं राम का बोल। कहीं शारदा सादगी,सह भोजपुरी झोल।।…