बिहार दिवस। हरि गीतिका छंद में। रुकता नहीं बढ़ता सदा रथ,नव नवीन बिहार है। जो पूर्व-उत्तर में अवस्थित,देश का श्रृंगार[...]
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दोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठकदोहा रचना कीजिए -रामकिशोर पाठक
दोहा रचना कीजिए – एक प्रयास दोहा रचना जब करें, रखिए इतना ध्यान। मात्रा गिनती स्वर सभी, व्यंजन का न[...]
कैसे आए शांति -रामकिशोर पाठककैसे आए शांति -रामकिशोर पाठक
कैसे आए शांति- सरसी छंद गीत गद्दारों की फौज खड़ी हैं, जो फैलाती भ्रांति। विकट समस्या आज जगत् की, आए[...]
बीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठकबीत गया फागुन माह- रामकिशोर पाठक
चैत्र- राधिका छंद गीत बीत गया फागुन माह, चैत है आया। महुआ का मादक गंध, प्रीत भर लाया।। नूतन आता[...]
यही है सार जीवन का -एस. के. पूनमयही है सार जीवन का -एस. के. पूनम
विधा:-विधाता छंद। (यही है सार जीवन का) यहाँ सीखा, रहो मिलकर, न जीओ तुम, निराशा में। पढ़ी सरगम, उमंगों की,[...]
आज की नारी -रुचिकाआज की नारी -रुचिका
आज की नारी अपने घावों से खुद ही उबरती, संघर्ष की जमीन पर एक नई पटकथा लिखती है वह आज[...]
दहलीज -रुचिकादहलीज -रुचिका
दहलीज हर बार वह सोचती की अब नही, मगर कदम उसके ठहर जाते थे घर की दहलीज पर घुटती रहती[...]
नारी शक्ति – मुन्नी कुमारीनारी शक्ति – मुन्नी कुमारी
नारी-शक्ति स्व-रचित-कविता नारी की शक्ति अपार, नारी की महिमा अपरम्पार। नारी में गुणों का भंडार, नारी में ममता की बहार।[...]
तुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदीतुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदी
तुम कौन हो? उसने पूछा, आखिर कौन हो तुम?, उर्वशी मेनका ,इंद्राणी, या अपाला लोपा घोषमुद्रा! यशोदा , राधा रुक्मिणी[...]
रंगों का त्यौहार -मनु कुमारीरंगों का त्यौहार -मनु कुमारी
रंगों का त्योहार होली है रंगों का त्योहार , रंगों से रंगा सारा संसार l गुलाल की महक संग रिश्तों[...]
