मानव है वही जो , मानव के काम आए। इंसानियत उसी में, जो शराफत से पेश आए।। खतरे बहुत अधिक[...]
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दोहावली – रामपाल सिंह ‘अनजान’दोहावली – रामपाल सिंह ‘अनजान’
प्रात काल वो सूर्य को, करती प्रथम प्रणाम। सूर्य देव आशीष दें, रहे सुहाग ललाम।। प्रातकाल से है लगी, सजा[...]
विधाता छंद – एस. के. पूनमविधाता छंद – एस. के. पूनम
दरस देतीं प्रथम माता, कहाँ हो तुम चली आतीं। क्षुधा प्यासा ललन बैठा, पके दाना तुम्हीं लातीं। दया कर के[...]
अभियान गीत- रामकिशोर पाठकअभियान गीत- रामकिशोर पाठक
छोटे बड़े का भेद रहे न, हम सबको गले लगाएँगे। बच्चे बूढ़े जवान साथ में, हम शिक्षित सबको बनाएँगे।।[...]
अदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदीअदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदी
यह जीवन क्या है ? जहाँ संवेदनाओं के तार जुड़ते हैं, अपने कहाने वाले भी मुड़ते हैं। मनुष्य कभी अपनों[...]
अदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदीअदृश्य जीवन चालक- अमरनाथ त्रिवेदी
कोई तो चलानेवाला होता है यह जीवन क्या है ? जहाँ संवेदनाओं के तार जुड़ते हैं, अपने कहाने वाले भी[...]
हृदय का कूप माँ – अवनीश कुमारहृदय का कूप माँ – अवनीश कुमार
माँ! केवल माँ नहीं है वो, घर का दीया है, दीये की बाती है, चूल्हे की आग है, तवे[...]
प्यासा कौवा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’प्यासा कौवा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भीषण गर्मी का एक दिन था सूरज चमक रहा था सिर पर। गर्म हवा के झोंकों को, झाँक रही[...]
दादी का हलवा- रामकिशोर पाठकदादी का हलवा- रामकिशोर पाठक
अम्मा हलवा बना दो न। दादी को खिला दो न।। देखो शाम हो आई है। दादी को भूख सतायी[...]
दादी का हलवा- रामकिशोर पाठकदादी का हलवा- रामकिशोर पाठक
अम्मा हलवा बना दो न। दादी को खिला दो न।। देखो शाम हो आई है। दादी को भूख सतायी[...]
