सृष्टि के पालनहार, जग के तारणहार, जगत के प्राणशक्ति,आद्यंत श्रीराम हैं। अयोध्या नगरी सजी, हिया बसें रधुवीर, करूणा की धारा बहे,गूंजा राम नाम है। तन पर अंगराग, जगत के अंतरंग,…
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जय श्री राम – स्नेहलता द्विवेदी
जय श्री राम 🙏🌹 हे राम बसों सबके मन में, मन सबका आलोकित हो जाए। सब कष्ट मिटे अज्ञान हटे यह हृदय सुबसित हो जाए।। बस प्रेम बसे मर्यादा रहे…
नूतन वर्ष – अशोक कुमार
नूतन वर्ष की पावन बेला, खुशियों का अलबेला, सारे शिकवे भूले, आओ हम सब गले मिलें|| अग्रिम पथ पर बढ़ चलें, राह मुश्किल बहुत है, संभल संभल कर चलें, कभी…
Human Solidarity is the Need – Ashish K Pathak
When hearts and hands join Compassion and Cooperation triumphs Over narrow minds and divisions; Challenges turn into opportunity and Our destinies get intertwined; We end up creating a secure future…
केवल प्रकाश है – एस.के.पूनम
प्रिय दीप बनकर, हिया करे जगमग, शेष नहीं अब दंभ,केवल प्रकाश है। नित्य दीया जल कर, बिखरने लगी आभा, उज्जवल धरा नीचे,ऊपर आकाश है। परछाईं बन कर, साथ देना उम्रभर,…
मुक्तहस्त स्नान दान – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी विषय:-(मुक्तहस्त स्नान दान) बीता है ग्रहणकाल, सुतक का अंत हुआ, सरिता के तट पर,करते हैं योगी ध्यान। डुबकी लगाते गंग, पाप कर्म विसर्जित, हृदय हों स्वच्छ और,मुक्तहस्त…
देवी को स्वीकार है – एस.के.पूनम।
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी। सप्तमी को पट खुले, उपासक झूम उठे, अष्टमी को पंड़ालों में,भक्तों की कतार है। नर-नारी ध्यान मग्न, प्रज्वलित ज्योत पूंज, लेकर सौभाग्य आईं,देवी का सत्कार है।…
मन लगता है – नीतू रानी
नमन मंच 🙏🙏🙏 विषय -नवरात्रि आती है मन लगता है शीर्षक -मन लगता है। नवरात्रि आती है मन लगता है, मंदिरों में भजन कीर्तन होता है। भक्तजन तन- मन -धन…
मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी पूनम की निशा काल, स्वर्णिम है मेरा हाल, रवि दिखा प्राची दिशा,चमकता माथ है। पक्षी करे कलरव, आलस्य को त्याग कर, स्नान,ध्यान नित्य कर्म,सदैव से साथ…
माता की महिमा – संजय कुमार
माता की महिमा माता की महिमा अपरंपार करती हैं अपनी भक्तों का उद्धार। जो भी इनकी शरण मे आया दुःख दूर हुआ,हर सुख पाया।। माता दूर करती है शरणागत की,…