Category: Uncategorized

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:51 pm

पर्व दिवाली ज्योति का, करता तम का अंत। खुशियाँ बाँटें मिल सभी, कहते सब मुनि संत। कहती दीपों की अवलि,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

जरा रौशनी फैला दें- अमरनाथ त्रिवेदीजरा रौशनी फैला दें- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:49 pm

जीवन मिला हमें जब , जरा रौशनी फैला दें । दूसरों के दर्द को भी , अपने दर्द में मिला[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

एक दीप इनके नाम – संजय कुमारएक दीप इनके नाम – संजय कुमार

0 Comments 7:07 pm

आइए, जलाते हैं एक दीप अपने माता-पिता की लम्बी आयु के लिए, जिन्होंने हम सबको सुंदर संस्कार दिए। आइए, जलाते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

दीपोत्सव हमें मनाना है – रामकिशोर पाठकदीपोत्सव हमें मनाना है – रामकिशोर पाठक

0 Comments 2:52 pm

  हर तरफ घोर अँधियारा है, एक दीप हमें जलाना है। आज रात दिवाली की, दीपोत्सव हमें मनाना है। घर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शीआओ सब मिल दीप जलाएँ- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 12:04 pm

  आओ सब मिल दीप जलाएँ नाचें- गाएँ खुशी मनाएँ। मन के भीतर का अँधियारा, भव भय भ्रम सब दूर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

दिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमारदिल में प्यार के दीप जले- संजय कुमार

0 Comments 11:07 am

  इस दिवाली हर तरफ अमन, शांति के फूल खिले। नफरत, ईर्ष्या की दीवार ढहे हर दिल में प्यार के[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vivek Kumar

तमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमारतमस मिटा चलो दीप जलाएँ- विवेक कुमार

0 Comments 9:54 pm

आओ चलो चलें दीप जलाएँ, काले अँधियारे को दूर भगाएँ, संग चलें और घुलमिल जाएँ, तमस मिटा, चलो दीप जलाएँ।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

पावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदीपावन शरद ऋतु – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:47 am

पावन शरद ऋतु की बहुत बड़ाई , सबके चित्त  नित  परम  सुहाई । आश्विन, कार्तिक होते अति  पावन, दिल  को [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें