आओ स्थापना दिवस मनाएँ-मृत्युंजय कुमार

देखो, सातवाँ स्थापना दिवस है आया, टीचर्स ऑफ बिहार परिवार में खुशियों का उजास छाया। सात वर्षों का यह सफर रहा सुहाना, शिक्षा के क्षेत्र में रचा गया अनगिनत कारनामा।…

ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक

लाना फूलों की सब माला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।। गुरुवर सबको बोल रहे हैं। राज सभी से खोल रहे हैं।। सजने वाला अपना शाला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०१।। पूजा होगी…

आओ नववर्ष मनायें – मनु रमन

आओ नववर्ष मनायें। खुशियों के फूल खिलाएं। नयी उम्मीदें नयी उमंगों के साथ , नित्य नया कुछ कर जायें। नये सपनों को देखें, उसे सही आकार दें। नीले- नीले आसमान…

मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

प्रातः हम जग जाएँ, शीतल समीर पाएँ, प्राची की लालिमा देख, कदम बढ़ाइए। हरे-भरे तरु प्यारे, लगते सलोने न्यारे, इनके लालित्य पर, मन सरसाइए। नदी का पावन जल, बागों के…

रिश्ते दिलों के- मनु कुमारी

रिश्ते दिलों के निभाये हैं हमने, गमों में भी अक्सर मुस्कुराये हैं हमने। है बहुत हीं प्यारा ये नाजुक सा बंधन, फूलों की भांति संवारा है हमने। कभी डांट फटकार…

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य

माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना। मन की सुनो पुकार, पाप को वश में रखना। पढ़कर…

होली-प्रीति

होली होली आई होली आई रंग बिरंगी खुशियां लाई लाल पीले हरे नीले चटक गुलाबी और चमकीले रंगों से भर भर पिचकारी राधा मोहन खेले होली आओ प्यारे बच्चों आओ…