हिंदी दिवस मना रहे हैं हम सब फिर आज बिना दिवस के बन गयी “अंग्रेजी” सरताज अंग्रेजी सरताज, उन्नति बहुत[...]
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कारागृह की वेदना-डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवाकारागृह की वेदना-डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवा
कारागृह की वेदना करुण” क्रंदन से “कारागृह” कांप उठा वह कक्ष-निरीह, “काल” ने कैसा खेल रचा [...]
वर्षा रानी-ब्यूटी कुमारीवर्षा रानी-ब्यूटी कुमारी
वर्षा रानी कभी फुहारा बन बरसती धरती को सरस बनाती चारो और हरियाली छाई। कभी मोटे बूंदो वाली बहुत हुआ[...]
कोरोना काल में छात्र की अभिलाषा-डॉ. अजय कुमार “मीत”कोरोना काल में छात्र की अभिलाषा-डॉ. अजय कुमार “मीत”
कोरोना काल में छात्र की अभिलाषा बजेगी टन-टन स्कूल की घंटी पाठशाला का सत्र चलेगा शिक्षक फिर पढ़ाएंगे ऐसे दिन[...]
पैबन्द लगी कविता-गिरिधर कुमारपैबन्द लगी कविता-गिरिधर कुमार
हजार पैबन्द लगी चिथड़े चिथड़े से बुनी बनी टुकड़ों में बुदबुदाती कविता… रास्ते के उदास मील के पत्थर की[...]
आज की कविता-गिरिधर कुमारआज की कविता-गिरिधर कुमार
आज की कविता संकोच कुछ नहीं है अब कहने में की हारने लगी है कविता कि मेरी कविता अब म्लान[...]
जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई-मंजू रावतजिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई-मंजू रावत
जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई, स्वतंत्र रूप से उड़ने वाले, चारों ओर घूमने[...]
जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई-मंजू रावतजिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई-मंजू रावत
जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई जिंदगी अब ऑनलाइन बनकर रह गई, स्वतंत्र रूप से उड़ने वाले, चारों ओर घूमने[...]
कोरोना-स्मृति कुमारीकोरोना-स्मृति कुमारी
कोरोना कोरोना ने कहर बरपाया है, चारो ओर अंधेरा छाया है। गॉंव मुहल्ला देश विदेश इसने जाल बिछाया है।। कोरोना[...]
