ये है कलयुग सा संसार जिसमें है दुखों का भंडार, यहाँ लड़ाई-झगड़े रोज हैं होते होते हैं मारकाट। ये है[...]
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जीवन का मर्म – कुमकुम कुमारी”काव्याकृति”जीवन का मर्म – कुमकुम कुमारी”काव्याकृति”
भूलकर भेदभाव,दिल में हो समभाव, जीभ पर रहे सुधा,प्रेम रस पीजिए। होठों पर मुस्कान हो,गम का न निशान हो, मीठे[...]
दुर्बल -जयकृष्णा पासवानदुर्बल -जयकृष्णा पासवान
दुर्बल को ना सताईये, जाकी माटी होय । दुर्बल जग शीतल करे, आपहु शीतल होय।। मधुर वचन से जग लुभा,[...]
दिल के आंसू -जय कृष्णा पासवानदिल के आंसू -जय कृष्णा पासवान
दुनिया के हर सितम, मुझपे छलकती है । मगरूर है ज़माना देखो, क्या मजाक उड़ाती है।। “तपता है दिल मेरा”[...]
अवकाश चाहिए -संजय कुमारअवकाश चाहिए -संजय कुमार
थकान जो उतार दे, मन के अवसाद का मुझे वैसी अवकाश चाहिए। भागम भाग भरे जीवन में यन्त्र बने हम[...]
कुदरत का कहर- जय कृष्णा पासवानकुदरत का कहर- जय कृष्णा पासवान
कुदरत किया कहर वर्षाया, प्रकृति संपदा बचाने को । “स्वच्छ मन पावन रिश्ता” निर्मल गंगा बहाने को ।। पाप की[...]
पाषाण की व्यथा – मो.मंजूर आलमपाषाण की व्यथा – मो.मंजूर आलम
रोक कर चौराहे पर बोला एक दिन मुझसे क्या तुम देख सकते हो? लथपथ हूं खून से मैं! छलनी है[...]
बाल- विवाह- पामिता कुमारीबाल- विवाह- पामिता कुमारी
कथी ला कैलहो बियाह हमर पक्का उमरिया नय होल छै बियाह के हो पप्पा, उमरिया नय होल छै बियाह के[...]
खांमोशी भी कुछ कहती है – नीतू रानीखांमोशी भी कुछ कहती है – नीतू रानी
खामोशी भी कुछ कहती है चाहे कोई मुँह से बोलकर नहीं कहे , लेकिन ये आँखें बहुत कुछ कह देती[...]
छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”
छागर की माॅ॑ बकरी कहती है क्या यहीं है नवरात्रि का त्योहार, जिस त्योहार में की जाती है मेरे आगे[...]
