पद्यपंकज Bhakti श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम् राम किशोर पाठक:

श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम् राम किशोर पाठक:


Ram Kishore Pathak



दिव्याय वासुदेवाय यशोदानंदनाय च।
गीताज्ञान प्रदाताय श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम्।।

आद्याय विश्वरूपाय गोपाय पालकाय च।
लीलाधराय बालाय श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम्।।

राधिकांगाय गोविंदाय भुवे काममोहिने।
प्रियाप्रीतिकृते सख्ये श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम्।।

अप्रमेयाय सूराय श्यामकाय वृकाय च।
दिशे वृंदावनेशाय श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम्।।

कर्मज्ञानप्रदातारं महाज्ञानप्रदायकम्।
भुक्तिमुक्तिप्रदाताय श्रीकृष्णं प्रणमाम्यहम्।।

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