रंगों से सजी, बसंत की मादक हवाओं में महकती,
हर आंगन में खुशियों की इंद्रधनुषी छटा बिखेरती
रंगों का अनुपम पर्व — होली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
इस संसार में रंगों की कोई कमी नहीं,
बस ज़रूरत है ऐसा रंग लगाने की
जो चेहरे से नहीं, दिल से लगे
और जीवन भर न उतरे।
लाल रंग प्रेम और उत्साह का प्रतीक बनकर सदियों से चला आ रहा है,
बीच में लोगों ने हरे रंग से नई उम्मीदें सजाईं,
पर मुझे तो सबसे प्रिय लगता है पीला रंग —
जो मित्रता, विश्वास और अपनापन का संदेश देता है।
आइए, इस होली पर
मन के मैल को धो दें,
रिश्तों में मधुरता घोल दें,
और जीवन को सतरंगी मुस्कान से भर दें।
आपकी होली खुशियों, प्रेम और सौहार्द के रंगों से सदा सराबोर रहे।
धीरज कुमार
शिक्षक (वनस्पति विज्ञान)
सर्वोदय उच्च विद्यालय अगिआंव भोजपुर
