आओ हम सब मिलकर होलिका दहन मनायें।
अधर्म पर धर्म की जीत का पताका लहरायें।
छल प्रपंच को निज मन से मि टाकर,
नवप्रभात का सुंदर संदेश जन मन तक पहुंचायें।
बुराई चाहे कितनी भी हो बड़ी अंततः मिट जाती है,
आओ हम नयी पीढ़ी को यह सीख दे जायें।
ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध ,नफरत, अहंकार को मिटाकर,
नव प्रेम, नव आशा, विश्वास भक्ति के,अखंड ज्योति जलायें।
संयम , सदाचार, सत्कर्म से मन को ,हरि चरणों में लगायें।
प्रह्लाद सी आस्था हो अडिग जब, तब ईश्वर सर्वत्र दिख जायें।
भक्ति की कवच ओढ़ ले कोई ,होलिका जला न पाये।
होलिका पापिनी जब जलाए भक्त को,
स्वयं स्वत: जल जाए।
इस होलिका में आओ मिलकर, हम यह प्रण दोहरायें,
सत्य धर्म की राह चलें हम, खुशियों के फूल खिलायें।।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका
प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी
राघोपुर, सुपौल
